Barabanki News: बाराबंकी में खाद विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई।
53 उर्वरक केंद्रों पर छापे, 21 नमूने लिए गए। ओवररेट यूरिया बेचने वाले विक्रेता का लाइसेंस निलंबित।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई के बीच किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर कृषि एवं सहकारिता विभाग की तहसीलवार गठित टीमों ने जिलेभर में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर व्यापक छापेमारी की।
अभियान के दौरान कुल 53 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापे डाले गए और 21 उर्वरकों के नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर दो उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि एक विक्रेता के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई मेसर्स मौर्या बीज भंडार, छेदा के खिलाफ हुई। जांच में इस प्रतिष्ठान पर यूरिया की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित विक्रेता का उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र निलंबित कर दिया।
इतना ही नहीं, जिलाधिकारी की अनुमति के बाद संबंधित विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
53 खाद बिक्री केंद्रों पर छापेमारी, 21 नमूने जांच के लिए लिए गए
प्रशासन की ओर से गठित तहसीलवार टीमों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच की। अभियान का उद्देश्य किसानों को खाद की निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करना, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच करना तथा टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाना था।
नवाबगंज तहसील में 5 केंद्रों की जांच
तहसील नवाबगंज में उप कृषि निदेशक उमेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने 5 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापे डाले।
फतेहपुर तहसील में 16 केंद्रों पर कार्रवाई
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने फतेहपुर तहसील में 16 उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच की। इस दौरान 10 उर्वरक नमूने लिए गए।
जांच में मेसर्स छवि किसान सेवा संस्थान, विशुनपुर और मेसर्स श्री बालाजी बीज भंडार, सलापुर के बिक्री एवं स्टॉक रजिस्टर अपूर्ण पाए गए। दोनों विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सिरौलीगौसपुर में 7 और रामनगर में 5 छापे
सिरौलीगौसपुर तहसील में जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार की टीम ने 7 छापे डाले और 2 नमूने लिए।
वहीं रामनगर तहसील में भूमि संरक्षण अधिकारी, गोमती सौरभ कुमार की टीम ने 5 उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच की।
हैदरगढ़ और रामसनेहीघाट में भी हुई जांच
हैदरगढ़ तहसील में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक राहुल कुमार की टीम ने 8 छापे डाले और 5 उर्वरक नमूने लिए।
रामसनेहीघाट तहसील में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक देशराज की टीम ने 12 केंद्रों पर छापे डाले और 4 नमूने जांच के लिए लिए।
ओवररेट यूरिया बेचने की पुष्टि, विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
जांच के दौरान मेसर्स मौर्या बीज भंडार, छेदा पर यूरिया की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रतिष्ठान का उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र निलंबित कर दिया। इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब खरीफ सीजन में किसानों को बड़ी मात्रा में यूरिया और अन्य उर्वरकों की आवश्यकता होती है। प्रशासन की इस कार्रवाई से उन विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है जो निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने या अन्य अनियमितताओं में शामिल पाए जाते हैं।
खाद के साथ टैगिंग पर भी प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए। किसी भी तरह की जबरन टैगिंग या अन्य उत्पाद लेने के लिए किसानों पर दबाव बनाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर रेट और स्टॉक बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पीओएस मशीन के माध्यम से किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक बिक्री करने और बिक्री का पूरा विवरण बिक्री पंजिका में अद्यतन रखने को कहा गया है।
नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि उर्वरकों की अधिक दर पर बिक्री, टैगिंग या अन्य अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई का सीधा उद्देश्य खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और उचित कीमत पर खाद उपलब्ध कराना है, ताकि उर्वरक की कमी, ओवररेटिंग या अनधिकृत बिक्री के कारण किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












