UP News: कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय बझेड़ी का कथित वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
दावा है कि शिक्षक की पत्नी ने शक के चलते स्कूल में हिडन कैमरा लगवाया था।
बीएसए ने जांच के आदेश दिए हैं, जबकि पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है।

कन्नौज, उत्तर प्रदेश | 15 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में एक पुरुष शिक्षक और एक महिला सहायक अध्यापिका के क्लासरूम के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में होने का दावा किया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के दौरान विद्यालय में नन्हे छात्र भी मौजूद थे। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा यह सामने आया है कि शिक्षक की पत्नी को अपने पति के व्यवहार पर लंबे समय से शक था। इसी शक के चलते उन्होंने स्कूल के कमरे में कथित तौर पर हिडन कैमरा लगवाया, जिसकी फुटेज बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
पति पर शक हुआ तो पत्नी ने स्कूल में लगवा दिया कथित हिडन कैमरा
जानकारी के अनुसार मामला सौरिख थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बझेड़ी का बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि शिक्षक की पत्नी को काफी समय से अपने पति के व्यवहार पर संदेह था। इसी संदेह के चलते उन्होंने कथित तौर पर विद्यालय के एक कमरे में हिडन कैमरा लगवाया। दावा किया जा रहा है कि कैमरे में रिकॉर्ड हुई फुटेज को बाद में स्वयं शिक्षक की पत्नी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और शिक्षा विभाग तक पहुंच गया।
चार साल से चल रहा है पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद
सूत्रों के अनुसार संबंधित शिक्षक और उनकी पत्नी के बीच पिछले करीब चार वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा है।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मामला फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। इसी वैवाहिक विवाद के दौरान पत्नी को पति पर शक हुआ, जिसके बाद कथित रूप से हिडन कैमरा लगाने की पूरी योजना बनाई गई।
हालांकि, इन दावों की भी जांच की जा रही है और आधिकारिक स्तर पर अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
क्लासरूम में आपत्तिजनक स्थिति का दावा, छात्रों की मौजूदगी के आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि विद्यालय के क्लासरूम में पुरुष शिक्षक और महिला सहायक अध्यापिका आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के समय विद्यालय में बच्चे भी मौजूद थे। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो मामला और अधिक गंभीर माना जाएगा।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की तारीख, स्थान और वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि अभी बाकी है।
वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग में मची खलबली
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस भी कर रही वीडियो की सत्यता की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग की तिथि, स्थान और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले अपुष्ट तथ्यों को सत्य मानकर अफवाह न फैलाएं।
अभिभावकों में नाराजगी, स्कूल की गरिमा पर उठे सवाल
शिक्षा के मंदिर माने जाने वाले विद्यालय से जुड़ा यह कथित मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि विद्यालयों की गरिमा बनी रहे और बच्चों के भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
रिपोर्ट – नौमान माजिद











