बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में पर्चा बनवाने को लेकर मरीज और कर्मचारियों के बीच विवाद मारपीट में बदल गया।
डायल-112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। सीएमएस ने जांच के आदेश दिए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में गुरुवार को पर्चा बनवाने को लेकर मरीज और अस्पताल कर्मियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि पर्चा काउंटर पर तैनात कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार और कथित दबंगई के चलते शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और इलाज कराने आए मरीजों व तीमारदारों की भीड़ मौके पर जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगने और नंबर को लेकर हुई थी। कुछ ही देर में बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी। अस्पताल परिसर में हंगामे के कारण कुछ समय तक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
पर्चा काउंटर पर अव्यवस्था से मरीजों में नाराजगी
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मरीजों और तीमारदारों ने पर्चा काउंटर की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि अस्पताल में अक्सर पर्चा बनवाने के दौरान अव्यवस्था रहती है और कई बार कर्मचारियों का व्यवहार मरीजों के प्रति उचित नहीं होता।
लोगों ने मांग की कि अस्पताल प्रशासन पर्चा काउंटर और ओपीडी व्यवस्था को व्यवस्थित करे तथा कर्मचारियों को मरीजों के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
डायल-112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कराया समझौता
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और काफी देर तक चली बातचीत के बाद आपसी समझौता कराया गया। इसके बाद मामला शांत हुआ और अस्पताल का सामान्य कामकाज दोबारा शुरू हो सका।
सीएमएस बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अजय सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिल गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज के साथ अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में संबंधित कर्मचारी की गलती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों ने बेहतर व्यवस्था की उठाई मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीज पहले से ही लंबी कतारों और सीमित संसाधनों की समस्या झेलते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारियों का व्यवहार भी ठीक न हो तो मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











