बाराबंकी के रामनगर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई।
झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा संचालित 4 अवैध क्लीनिक सील।
4 पंजीकृत अस्पतालों को नोटिस जारी कर अभिलेखों सहित तलब किया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और मानकों की अनदेखी कर चल रहे अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रामनगर क्षेत्र में मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा संचालित चार अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया। वहीं, चार पंजीकृत अस्पतालों एवं क्लीनिकों को मानकों में खामियां मिलने पर नोटिस जारी कर अभिलेखों सहित तलब किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं चला रहे लोगों में हड़कंप मच गया।
सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में चली ताबड़तोड़ कार्रवाई
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर के अधीक्षक डॉ. प्रणव श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिकों और अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत चिकित्सा सेवाएं संचालित होती मिलीं।
निरीक्षण के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया।
इन अवैध क्लीनिकों पर चला स्वास्थ्य विभाग का बुलडोजर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निम्नलिखित अवैध क्लीनिकों को सील किया गया—
- सुमन क्लीनिक, रामनगर
- रामचंद्र पुत्र देवता दीन, ग्राम गनेशपुर द्वारा संचालित क्लीनिक
- अवध राम पुत्र मोहनलाल द्वारा संचालित क्लीनिक
- योगेंद्र पुत्र रामकुमार द्वारा संचालित क्लीनिक
अधिकारियों ने बताया कि ये क्लीनिक बिना आवश्यक मानकों और वैध व्यवस्थाओं के संचालित किए जा रहे थे।
चार पंजीकृत अस्पतालों को नोटिस, अभिलेखों सहित किया तलब
छापेमारी के दौरान कुछ पंजीकृत अस्पतालों और क्लीनिकों में भी निर्धारित स्वास्थ्य मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने—
- लाइफ केयर हॉस्पिटल
- परिजात क्लीनिक
- ग्रीन हॉस्पिटल
- एक अन्य पंजीकृत क्लीनिक
को नोटिस जारी करते हुए सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्धारित मानकों को तत्काल पूरा करने के आदेश भी दिए गए हैं।
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रणव श्रीवास्तव ने बताया कि आम जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से क्लीनिक चलाने वालों और बिना मानकों के अस्पताल संचालित करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर औचक निरीक्षण करता रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों से की गई सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि इलाज कराने से पहले अस्पताल या क्लीनिक का पंजीकरण और चिकित्सक की योग्यता अवश्य जांच लें। यदि कहीं भी अवैध क्लीनिक या झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इलाज किए जाने की जानकारी मिले तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी
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