अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत बाबा बलराम दास बाराबंकी के तिवारीपुरवा गांव पहुंचे।
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
राम मंदिर दान चोरी मामले पर उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून और भगवान दोनों का दंड मिलेगा, एसआईटी जांच में सभी बेनकाब होंगे।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 14 जून 2026
अयोध्या स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी के महंत बाबा बलराम दास रविवार को बाराबंकी जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तिवारीपुरवा गांव पहुंचे। वे यहां कौशलेंद्र मिश्र के आवास पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने आए थे। उनके आगमन से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए जुटे।
महंत बाबा बलराम दास के स्वागत के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने विशेष तैयारियां की थीं। ढोल-नगाड़ों, जय श्रीराम के उद्घोष और पुष्प वर्षा के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।
धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति का दिया संदेश
धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महंत बाबा बलराम दास ने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन समाज और मानवता की सेवा के लिए समर्पित होता है।
उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
श्रद्धालुओं को दिया आशीर्वाद
महंत ने उपस्थित भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोले- कानून और भगवान दोनों देंगे सजा
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए महंत बाबा बलराम दास ने हाल ही में सामने आए राम मंदिर दान चोरी प्रकरण पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाला दान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है और उसका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
महंत ने कहा,
“भगवान को भगवान इसलिए कहा जाता है कि वे न खुश होते हैं और न नाराज। लेकिन जो लोग गलत काम करते हैं, उन्हें उनके कर्मों का दंड अवश्य मिलता है। एसआईटी गठित हो चुकी है और आज नहीं तो कल सभी दोषी पकड़े जाएंगे।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह चंदा चोरी नहीं बल्कि दान की चोरी का मामला है और इसे किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मंदिर के दान में हेराफेरी को बताया महापाप
महंत बाबा बलराम दास ने कहा कि मंदिरों में आने वाला दान धर्म, जनकल्याण और सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता है। ऐसे धन में हेराफेरी करना न केवल अपराध है बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महापाप है।
उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और कानून के तहत उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद, हुआ प्रसाद वितरण
कार्यक्रम में कौशलेंद्र मिश्र, विष्णु वर्मा, रामसेवक गोस्वामी, द्वारिका वर्मा, पुजारी दास, बाल संत शिवांस दास, अभिषेक दास सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने महंत बाबा बलराम दास का आशीर्वाद प्राप्त किया।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












