बाराबंकी में करोड़ों रुपये के जमीन सौदे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
IPS अधिकारी के पिता ने सोना बेचकर 2.27 करोड़ रुपये देने और ठगी का आरोप लगाया है, जबकि कारोबारी ने एक करोड़ रुपये ब्याज मांगने का पलटवार किया है।
मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 2.27 करोड़ रुपये के कथित जमीन सौदे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मध्य प्रदेश कैडर के एक IPS अधिकारी के पिता ने नगर कोतवाली में मोटल एवं रियल एस्टेट कारोबारी समेत कई लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने जमीन खरीदने के लिए अपना सोना बेचकर 2.27 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन जमीन किसी और को बेच दी गई और उनकी रकम हड़प ली गई। वहीं दूसरी ओर आरोपी कारोबारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले को वित्तीय लेनदेन का विवाद बताया है।
सोना बेचकर जुटाए थे 2.27 करोड़ रुपये, जमीन न मिलने पर दर्ज कराया मुकदमा
नगर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ रोड स्थित मयूर विहार कॉलोनी निवासी राधाकांत शुक्ला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच उन्होंने मयूर विहार कॉलोनी में मुख्य मार्ग से जुड़ी करीब 13,150 वर्गफीट भूमि खरीदने के लिए कुल 2 करोड़ 27 लाख रुपये दिए थे।
शिकायत के अनुसार यह रकम विवेक गुप्ता, निवेद प्रताप सिंह (गोलू) तथा भावना रानी को विभिन्न माध्यमों से दी गई थी। आरोप है कि जमीन दिलाने का आश्वासन देकर उनसे करोड़ों रुपये लिए गए, लेकिन बाद में उसी जमीन को अन्य लोगों को अधिक कीमत पर बेच दिया गया।
राधाकांत शुक्ला का कहना है कि जमीन खरीदने के लिए यह रकम उन्होंने परिवार का सोना बेच कर दिया था। जब उन्हें जमीन किसी और को बेचे जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपियों ने पहले उन्हें आश्वासन दिया कि सोने की बढ़ी हुई कीमत के अंतर सहित धनराशि लौटा दी जाएगी, लेकिन बाद में संपर्क करना बंद कर दिया।
‘सोने की कीमत बढ़ने से हुआ करोड़ों का नुकसान’
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब उन्होंने जमीन नहीं मिलने पर अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें कुछ धनराशि लौटाने की बात कही। उनका दावा है कि उन्हें 1 करोड़ 5 लाख रुपये वापस मिले, लेकिन तब तक सोने की कीमत करीब ढाई गुना बढ़ चुकी थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
राधाकांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि शेष धनराशि वापस नहीं की गई और लगातार टालमटोल की जाती रही। उनका यह भी कहना है कि आरोपियों ने उनके पैसे का निवेश विदेश, विशेषकर दुबई में किया है।
दुबई कनेक्शन का भी आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि निवेद प्रताप सिंह ने दुबई से अपने एक कारोबारी सहयोगी विशाल को बाराबंकी बुलाकर भुगतान का आश्वासन दिलाया था। शिकायतकर्ता के अनुसार 7 अप्रैल 2026 को मयूर होटल में हुई मुलाकात में 15 दिनों के भीतर भुगतान का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक रकम वापस नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी विदेश में कारोबार स्थापित कर चुके हैं और जल्द ही स्थायी रूप से दुबई शिफ्ट होने की तैयारी में हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के पासपोर्ट जब्त कर कार्रवाई की मांग की है।
पत्नी के लिए जेवर खरीदने का आरोप
राधाकांत शुक्ला का आरोप है कि उनसे ठगी गई कुछ रकम विशाल के माध्यम से दुबई में निवेश की गई है, जो इस जालसाजी में शामिल है। इसके अलावा बाकी रकम निवेद प्रताप सिंह द्वारा अपनी शादी में पत्नी शुभी सिंह के लिए जेवर खरीदने में खर्च की गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने विशाल और शुभी सिंह को भी आरोपी बनाया है।
‘एक करोड़ की चेक दी, लेकिन खाते में पैसा नहीं था’
राधाकांत शुक्ला का आरोप है कि आरोपियों की ओर से हाल ही में एक करोड़ रुपये की चेक दी गई थी, जबकि इससे पहले भी एक चेक जारी की गई थी। लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हो सका।
उनका कहना है कि अब उन्हें आरोपियों की ओर से किसी भी भुगतान आश्वासन पर भरोसा नहीं है और इसलिए उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
कारोबारी का पलटवार- “सिर्फ 22 लाख रुपये बकाया, एक करोड़ ब्याज मांगा जा रहा”
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी कारोबारी निवेद प्रताप सिंह (गोलू) ने शिकायतकर्ता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
निवेद प्रताप सिंह का कहना है कि पिछले चार वर्षों में राधाकांत शुक्ला द्वारा उनके खाते में लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये भेजे गए थे। जमीन का सौदा निरस्त होने के बाद 1 करोड़ 5 लाख रुपये वापस किए जा चुके हैं और केवल 22 लाख रुपये का भुगतान शेष है।
कारोबारी का आरोप है कि शिकायतकर्ता शेष रकम के अलावा लगभग एक करोड़ रुपये अतिरिक्त ब्याज की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसी बात का दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
चेक में ओवरराइटिंग का भी लगाया आरोप
निवेद प्रताप सिंह ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ 30 लाख रुपये की चेक दी थी, जिसमें कथित रूप से ओवरराइटिंग कर रकम को 90 लाख रुपये दिखाने का प्रयास किया गया। उनका दावा है कि इसी कारण बैंकिंग प्रक्रिया में विवाद उत्पन्न हुआ और चेक का भुगतान नहीं हो सका।
सोना बेचकर 2.27 करोड़ रुपये जुटाने के दावे पर भी सवाल
इस हाई प्रोफाइल मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। लोगों के बीच यह सवाल उठाया जा रहा है कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच सोने का भाव लगभग 48 हजार रुपये से लेकर 78 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहा है। ऐसे में 2.27 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाने के लिए करीब 3 से 5 किलोग्राम सोना बेचना पड़ता, जो एक सामान्य परिवार के लिए अत्यंत असामान्य मात्रा है।
इसी को लेकर लोग इस रकम के स्रोत और पूरे लेनदेन को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की सच्चाई पुलिस जांच तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं, जिसके चलते यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











