बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के समनामऊ गांव में बिना अनुमति प्रतिबंधित गुलर के पेड़ की कटान का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग ने जांच कर ठेकेदार के खिलाफ वन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया।
कार्रवाई के बाद अवैध कटान करने वालों में हड़कंप मच गया है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित समनामऊ गांव में बिना अनुमति एक हरे-भरे प्रतिबंधित गुलर (गूलर) के पेड़ की कटान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर सक्रिय हुए वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अवैध कटान की पुष्टि होने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटान कराने वाले लोगों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने भी विभाग की कार्रवाई का स्वागत करते हुए भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने की जांच
वन दरोगा अनुज सिंह ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि समनामऊ गांव के पास एक हरा-भरा गुलर का पेड़ काटा जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पाया गया कि पेड़ की कटान ओहरामऊ निवासी बब्बू चौहान द्वारा कराई जा रही थी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पेड़ काटने के लिए संबंधित व्यक्ति द्वारा वन विभाग अथवा किसी सक्षम प्राधिकारी से कोई वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी।
वन अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
वन दरोगा अनुज सिंह ने बताया कि बिना अनुमति प्रतिबंधित श्रेणी के हरे-भरे पेड़ की कटान किए जाने के कारण संबंधित ठेकेदार के खिलाफ वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हरे-भरे पेड़ों की सुरक्षा बेहद आवश्यक है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार की कटान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से पेड़ों की कटान होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर अंकुश लगाया जा सके।
कार्रवाई के बाद अवैध कटान करने वालों में मचा हड़कंप
वन विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कटान से जुड़े लोगों और ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से कई स्थानों पर बिना अनुमति पेड़ों की कटान की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से लोगों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग नियमित रूप से निगरानी अभियान चलाए ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित पेड़ कटान न केवल पर्यावरण संतुलन को प्रभावित करती है, बल्कि भूजल स्तर, जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल असर डालती है। ऐसे में वन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











