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बाराबंकी में खनन से बदहाल सड़क पर असंतुलित हुई बाइक: डंपर की चपेट में आने से बाल-बाल बची महिला, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

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बाराबंकी के बेलहरा क्षेत्र में समतलीकरण की आड़ में चल रहे मिट्टी खनन के बीच बड़ा हादसा टल गया।

जर्जर सड़क और बिखरे पत्थरों के कारण बाइक सवार महिला डंपर की चपेट में आने से बाल-बाल बची।

घटना के बाद ग्रामीणों ने खनन के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलहरा इलाके में समतलीकरण की अनुमति की आड़ में चल रहे मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले आठ दिनों से क्षेत्र में दर्जनों डंपरों के आवागमन के कारण गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। सड़क पर बिखरे पत्थर, गहरे गड्ढे और उड़ती धूल अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। सोमवार को यही लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बनते-बनते बच गई, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सड़क पर बिखरे पत्थरों से असंतुलित हुई बाइक, डंपर की चपेट में आने से बाल-बाल बची महिला

जानकारी के अनुसार कछुहनपुरवा गांव निवासी सूरज सिंह सोमवार को अपनी भाभी सोनी सिंह को बाइक पर बैठाकर गांव लौट रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक जिस मार्ग से वे गुजर रहे थे, वहां पिछले कई दिनों से मिट्टी ढोने वाले भारी डंपरों के लगातार आवागमन के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

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रास्ते में जगह-जगह बिखरे पत्थरों और उखड़ी सड़क के कारण बाइक अचानक असंतुलित हो गई। बाइक फिसलने से सोनी सिंह सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान पीछे से एक डंपर भी आ रहा था। गनीमत रही कि समय रहते चालक ने वाहन नियंत्रित कर लिया और महिला डंपर की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हादसे की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और खनन कार्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि समतलीकरण की अनुमति का इस्तेमाल केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जबकि वास्तविकता में बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन और रात लगातार डंपरों का संचालन होने से गांव की सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक जिम्मेदारों को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के कारण खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

खनन से सड़कें हुईं जर्जर, ग्रामीणों का आवागमन हुआ मुश्किल

ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते संपर्क मार्गों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और सड़क पर फैली गिट्टी एवं पत्थर दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बन चुके हैं।

स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन से होने वाले नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर रहा है जबकि परेशानी आम जनता को झेलनी पड़ रही है।

पुलिस ने पहुंचकर कराया मामला शांत

हंगामे और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।

पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में चल रहे मिट्टी खनन और भारी डंपरों के संचालन पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि हादसे में महिला की जान बच जाना संयोग रहा, लेकिन यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो भविष्य में किसी बड़े नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता।

रिपोर्ट – प्रिंस सोनी

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