बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलसे 20 वर्षीय युवक शिवा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।
ग्राम प्रधान और बिजली विभाग के जेई पर मुकदमा दर्ज किया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के मंझूपुर गांव में हाईटेंशन विद्युत लाइन की कथित लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। खेत में काम करते समय करंट की चपेट में आए 20 वर्षीय युवक शिवा की कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद शनिवार को मौत हो गई। युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही माहौल गम और गुस्से में बदल गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और बिजली विभाग व ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कई घंटे तक चले हंगामे और मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने ग्राम प्रधान और संबंधित जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लोगों का आक्रोश शांत कराया।
खेत में काम करते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया था शिवा
जानकारी के अनुसार मंझूपुर गांव निवासी 20 वर्षीय शिवा बीती 1 जून को अपने खेत में कृषि कार्य कर रहा था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना गंभीर था कि शिवा बुरी तरह घायल हो गया। बेटे को बचाने के प्रयास में उसकी मां और बहन को भी करंट के झटके लगे, हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई।
घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में शिवा को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां कई दिनों तक उसका इलाज चलता रहा। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद शनिवार को उसकी मौत हो गई।

शव गांव पहुंचते ही फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
युवक का शव गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते बिजली विभाग और ग्राम प्रधान ने शिकायतों पर ध्यान दिया होता तो शिवा की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को आर्थिक सहायता, भूमि आवंटन तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और यातायात भी प्रभावित हुआ।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के खेतों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन लंबे समय से खतरा बनी हुई थी।
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम प्रधान भुईयांदीन रावत और बिजली विभाग के जेई द्वारा लाइन के दो तार तो कटवा दिए गए थे, लेकिन एक तार वहीं पड़ा रहा। इसके अलावा खेत में लगे बिजली के खंभे को हटाने के लिए जेसीबी से गड्ढा खुदवाया गया, लेकिन न तो खंभा हटाया गया और न ही तारों को सुरक्षित कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आंधी और बारिश के कारण खंभा झुक गया था, जिससे हाईटेंशन तार जमीन से महज चार फीट की ऊंचाई पर लटक रहा था। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न तो तार कसवाया गया और न ही कोई स्थायी समाधान किया गया।
लोगों का आरोप है कि इसी लापरवाही की वजह से शिवा करंट की चपेट में आया और उसकी जान चली गई।
दो बीघा जमीन, मुआवजा और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े ग्रामीण
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। उनका कहना था कि मृतक परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, परिवार के भरण-पोषण के लिए दो बीघा जमीन दी जाए तथा घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीण विशेष रूप से ग्राम प्रधान भुईयांदीन रावत की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कराया गया, जिसके कारण एक युवा की जान चली गई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही लोनी कटरा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाने का प्रयास करती रही। हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ और क्षेत्राधिकारी भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी मांगों को सुना।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने ग्राम प्रधान और संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश कुछ शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त कराया गया।
ग्रामीणों का सवाल— शिकायतों के बावजूद क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन की समस्या कोई नई नहीं थी। कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
गांव के लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते लाइन को दुरुस्त कर दिया जाता या खंभे को सुरक्षित तरीके से हटाया जाता तो शिवा आज जीवित होता। यही वजह है कि गांव में घटना को लेकर भारी नाराजगी और शोक का माहौल बना हुआ है।
जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मृतक शिवा के परिवार को न्याय मिलने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने की मांग को लेकर ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद










