Barabanki

बाराबंकी में जनगणना ड्यूटी की अव्यवस्थाओं पर भड़का शिक्षक संघ: सांसद और शिक्षक एमएलसी को सौंपा ज्ञापन

SHARE:

बाराबंकी में जनगणना ड्यूटी में अव्यवस्थाओं और भीषण गर्मी में दूरस्थ क्षेत्रों में ड्यूटी लगाए जाने पर भड़का प्राथमिक शिक्षक संघ।

सांसद तनुज पुनिया और शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में जनगणना ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों के सामने आ रही अव्यवस्थाओं और समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ खुलकर विरोध में उतर आया है। संगठन ने शिक्षकों की परेशानियों को गंभीर बताते हुए सांसद तनुज पुनिया और लखनऊ शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की है।

शिक्षक संघ का कहना है कि जनगणना के तहत मकान सूचीकरण कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी उनके कार्यक्षेत्र से कई किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जिससे भीषण गर्मी में शिक्षकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इसे अव्यवस्थित और असंतुलित व्यवस्था बताते हुए प्रशासनिक स्तर पर सुधार की मांग उठाई है।

दूरस्थ क्षेत्रों में ड्यूटी से शिक्षकों में नाराजगी

ज्ञापन में शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने कहा कि जनगणना कार्य के लिए कई शिक्षकों को ऐसे क्षेत्रों में भेजा गया है जो उनके विद्यालय और निवास स्थान से काफी दूर हैं। तेज गर्मी और लंबी दूरी के कारण शिक्षकों की शारीरिक और मानसिक परेशानी लगातार बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण का शुभारंभ, आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

संघ ने कहा कि शिक्षकों को प्रतिदिन कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि शिक्षकों की ड्यूटी उनके नजदीकी क्षेत्रों में लगाई जाए ताकि कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

कनिष्ठ शिक्षक बने सुपरवाइजर, वरिष्ठों को बनाया गया प्रगणक

शिक्षक संघ ने जनगणना ड्यूटी में पद निर्धारण को लेकर भी नाराजगी जताई। संगठन के अनुसार कई स्थानों पर कनिष्ठ शिक्षकों को सुपरवाइजर बना दिया गया है जबकि वरिष्ठ शिक्षकों को प्रगणक की जिम्मेदारी दी गई है।

संघ का कहना है कि इससे शिक्षकों के बीच असंतोष का माहौल पैदा हो रहा है। संगठन ने मांग की कि वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाए।

हाउस लिस्टिंग ब्लॉक आवंटन में भी अनियमितता का आरोप

शिक्षक संघ ने हाउस लिस्टिंग ब्लॉक आवंटन में एकरूपता न होने का मुद्दा भी उठाया। संगठन के मुताबिक कुछ शिक्षकों को बहुत कम कार्यभार दिया गया है जबकि कई शिक्षकों पर अत्यधिक कार्य का दबाव डाल दिया गया है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में किशोरी और युवती के लापता होने से हड़कंप: देर शाम घर लौटी किशोरी, युवती अब भी लापता; केस दर्ज कर तलाश में जुटी पुलिस

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस असमान व्यवस्था के कारण शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है और कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त समय और अवकाश की मांग

ज्ञापन में शिक्षक संघ ने मांग की कि भीषण गर्मी को देखते हुए जनगणना कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में शिक्षकों से कार्य लिया जा रहा है, इसलिए इसके बदले उन्हें उपार्जित अवकाश प्रदान किया जाए।

संघ का कहना है कि शिक्षक पहले से ही शैक्षिक कार्यों के साथ कई गैर-शैक्षिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में जनगणना जैसे बड़े कार्य में उचित सुविधाएं और राहत मिलना आवश्यक है।

सांसद और शिक्षक एमएलसी से हस्तक्षेप की मांग

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सांसद तनुज पुनिया और शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी से मांग की कि वे शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कराएं, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके और जनगणना कार्य व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

यह भी पढ़ें  Barabanki: पेट्रोल पंप से 11 लाख की चोरी, ऑफिस का ताला तोड़कर तिजोरी उठा ले गए बदमाश, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

ये पदाधिकारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिलाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह, जिला मंत्री उमानाथ मिश्र, जिला कोषाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, जिला आईटी सेल मीडिया प्रभारी दिलीप तिवारी, जिला मीडिया प्रभारी जय कुमार, जिला संगठन मंत्री रवि प्रताप भदौरिया, रामनगर ब्लॉक वरिष्ठ उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद रावत तथा फतेहपुर ब्लॉक उपाध्यक्ष गुनित शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

5821
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?