बाराबंकी के कुर्सी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का फूटा आक्रोश।
अन्नरत्नम माइक्रो इंटरप्राइजेज और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर मजदूरी रोकने, 16 घंटे तक काम कराने, धमकी देने और THR व आजीविका फंड में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिलाओं ने बीडीओ और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ओदरिया में संचालित खाद्यान सामग्री निर्माण इकाई अन्नरत्नम माइक्रो इंटरप्राइजेज एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं ने कम्पनी प्रबंधन और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर मजदूरी रोकने, जबरन अतिरिक्त काम कराने, धमकी देने तथा टेक होम राशन (THR) और आजीविका फंड में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं ब्लॉक मुख्यालय पहुंचीं और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) आलोक कुमार वर्मा को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की मांग की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनसे लंबे समय तक काम कराया गया, लेकिन तय मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।

8 घंटे काम के बदले 8 हजार रुपये देने का किया गया था वादा
पीड़ित महिलाओं के अनुसार उन्हें आंगनबाड़ी से संबंधित खाद्यान सामग्री तैयार करने के कार्य में लगाया गया था। शुरुआत में कम्पनी के मुख्य पदाधिकारी बद्री प्रसाद वर्मा और अन्य अधिकारियों ने प्रतिदिन 8 घंटे कार्य के बदले 8 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया था।
महिलाओं का आरोप है कि कुछ समय बाद उनसे 10 से 12 घंटे तक लगातार काम कराया जाने लगा। विरोध करने पर नौकरी से निकालने और परेशान करने की धमकी दी जाती थी।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में कम्पनी को देवा ब्लॉक में अतिरिक्त कार्य मिलने की बात कहकर उनसे प्रतिदिन 16 घंटे तक काम कराया गया और इसके बदले 16 हजार रुपये प्रतिमाह देने का भरोसा दिया गया।

तीन महीने तक कराया अतिरिक्त काम, लेकिन रोक लिया मेहनताना
महिलाओं का आरोप है कि लगातार तीन महीने तक अतिरिक्त कार्य कराने के बावजूद प्रत्येक महिला का लगभग 24 हजार रुपये बकाया रोक लिया गया। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी मजदूरी मांगी तो कम्पनी से जुड़े लोगों ने गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट की धमकी दी।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने तक की धमकी दी गई और दबाव बनाकर चुप रहने को कहा गया।
THR और आजीविका फंड में धांधली के भी आरोप
मामला सिर्फ मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं है। महिलाओं ने टेक होम राशन (THR) और आजीविका मिशन से जुड़े फंड में भी बड़े स्तर पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
महिलाओं का कहना है कि बाराबंकी के निंदूरा, देवा और अन्य ब्लॉकों में भी ऐसे मामलों की चर्चा रही है, जहां स्वयं सहायता समूहों पर दबाव बनाकर सरकारी धन को विशेष फर्मों में ट्रांसफर कराया गया या फंड का दुरुपयोग किया गया।
कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि खाद्यान सामग्री निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है और सामग्री में मिलावट तक की जा रही है, जिससे बच्चों और लाभार्थियों के स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने पहले ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और स्थानीय थाने में भी लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज महिलाओं ने अब पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
महिलाओं ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, बकाया मजदूरी दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
शिकायत करने वाली महिलाओं में कई SHG सदस्य शामिल
शिकायत करने वालों में गीता, रेनू, साहेवी, पुष्पा, मंजू देवी, सुशीला, ऊषा देवी, सुमन, नीलम कुमारी, पूनम देवी सहित अन्य स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शामिल हैं।
महिलाओं का कहना है कि वे मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करना चाहती हैं, लेकिन उन्हें शोषण और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़े कार्यों की निगरानी व्यवस्था, टेक होम राशन परियोजना और ब्लॉक स्तर पर चल रही योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी













