बाराबंकी में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
प्रयागराज निवासी कारोबारी ने बिल्डर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी से हटाने और 3.81 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली में FIR दर्ज हुई है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रयागराज निवासी कारोबारी अमित कुमार राय ने एक बिल्डर और उसकी पत्नी पर कंपनी में हिस्सेदारी और डायरेक्टर पद देने के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
मामले में कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंपनी में हिस्सेदारी का दिया गया था भरोसा
जानकारी के अनुसार प्रयागराज निवासी अमित कुमार राय अरिहंत डेवलपर्स कंपनी के डायरेक्टर हैं। वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात देवरा बिल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक शरद देवरा से हुई थी।
आरोप है कि शरद देवरा ने करीब चार करोड़ रुपये के निवेश के बदले अपनी कंपनी में डायरेक्टर बनाने और आधी हिस्सेदारी देने का भरोसा दिया था। इस भरोसे में आकर अमित कुमार राय ने अपनी पत्नी के बैंक खाते से अलग-अलग तारीखों में कुल 3 करोड़ 81 लाख रुपये शरद देवरा और उनकी पत्नी श्रुति देवरा के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज बनाने का आरोप
पीड़ित अमित कुमार राय का आरोप है कि वर्ष 2026 में उन्हें पता चला कि शरद देवरा ने फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें कंपनी के डायरेक्टर पद से हटा दिया है।
जब उन्होंने इस मामले का विरोध किया और अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोप है कि शरद देवरा ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंचे पीड़ित
अमित कुमार राय ने इस मामले की शिकायत नगर कोतवाली पुलिस और पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से की थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस कार्रवाई से निराश होकर पीड़ित ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बाराबंकी की अदालत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 175(3) के तहत वाद दाखिल किया।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नगर कोतवाली पुलिस को FIR दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए।
कोर्ट के आदेश के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
इस पूरे प्रकरण ने निवेश और रियल एस्टेट कारोबार में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि जांच के जरिए उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













