बाराबंकी में मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध हूटर के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान अधिवक्ता की गाड़ी सीज होने पर विवाद खड़ा हो गया।
एआरटीओ टीम और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
अधिवक्ताओं ने चयनात्मक कार्रवाई और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 12 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कचहरी परिसर में एक महत्वपूर्ण मुकदमे की पैरवी के लिए जा रहे एक अधिवक्ता की गाड़ी को एआरटीओ टीम ने बस स्टॉप के पास चेकिंग के दौरान सीज कर दिया। अधिकारियों ने वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर होने का हवाला देते हुए हाईकोर्ट के आदेशों के तहत कार्रवाई की बात कही।
अधिवक्ता ने मौके पर अधिकारियों को बताया कि उनका जरूरी मुकदमा न्यायालय में लगा हुआ है और उन्हें तत्काल कचहरी पहुंचना है, लेकिन इसके बावजूद वाहन को जब्त कर लिया गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए।

एआरटीओ और अधिवक्ताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक
घटना के दौरान एआरटीओ (प्रशासन)अंकिता शुक्ला और अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। माहौल इतना गर्म हो गया कि मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके सामने से कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग खुलेआम नियमों का उल्लंघन करते हुए गुजरते रहे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि अभियान के नाम पर केवल चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली और वर्दीधारी लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
स्थिति बिगड़ती देख नगर कोतवाल सुधीर सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया गया कि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर वाहन छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद मामला कुछ शांत हुआ।
हालांकि विवाद यहीं नहीं थमा। इसके बाद दर्जनों अधिवक्ता उप संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर जमकर नाराजगी जाहिर की।

अधिवक्ताओं ने लगाया चयनात्मक कार्रवाई का आरोप
उप संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे अधिवक्ताओं ने अभियान में पारदर्शिता की मांग की। उनका आरोप था कि नियमों का पालन कराने के नाम पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी एडवोकेट रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि यदि उन्हें चुनाव में जीत मिलती है तो आरटीओ कार्यालय में फैले कथित भ्रष्टाचार, मनमानी और चयनात्मक कार्रवाई के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान महामंत्री रामराज यादव, जयभान वर्मा, विनय वर्मा, संजय गुप्ता, अजय सिंह, भुल्लन वर्मा, अभिषेक सिंह और विजेंद्र सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेशभर में चल रहा विशेष अभियान
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बाराबंकी में भी लगातार वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
लेकिन इस ताजा विवाद के बाद अभियान की निष्पक्षता और चयनात्मक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब यह मामला प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा करता नजर आ रहा है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान














