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बाराबंकी जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी बनी जानलेवा: इलाज के अभाव में महिला की मौत; रोते बिलखते परिजनों को नहीं मिला सरकारी शव वाहन 

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बाराबंकी जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी के चलते एक महिला की मौत हो गई।

परिजनों ने समय पर इलाज न मिलने का आरोप लगाया।

घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिला सरकारी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की तैनाती न होने के चलते एक महिला की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

सीएचसी से जिला अस्पताल, फिर लखनऊ रेफर, चली गई महिला की जान

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका फूलकला पत्नी निवासी ग्राम लखनपुर देवकली, ब्लॉक सिद्धौर, जनपद बाराबंकी की रहने वाली थीं। परिजनों ने बताया कि वह लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थीं और उनका उपचार चल रहा था।

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रविवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पहले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बाराबंकी जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि ट्रामा सेंटर पहुंचने के बाद महिला की जांच तो की गई, लेकिन अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ स्थित लारी कार्डियोलॉजी सेंटर रेफर कर दिया। इसी बीच 108 एंबुलेंस से लखनऊ ले जाने की तैयारी की जा रही थी, तभी महिला ने दम तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप- समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान

महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। बेटी, बहू और अन्य परिजन बिलख-बिलख कर रोते नजर आए। दर्द से भरे इस दृश्य को देखकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो उठे।

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नहीं मिला सरकारी शव वाहन, निजी एंबुलेंस का लेना पड़ा सहारा 

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज को रेफर करते समय एंबुलेंस की व्यवस्था तो कर दी गई थी, लेकिन मौत के बाद शव को घर पहुंचाने के लिए सरकारी शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। बताया गया कि सरकारी शव वाहन खराब था, जिसके चलते मजबूरी में निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल, लोगों ने मेडिकल सुविधाएं मजबूत करने की उठाई मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि बाराबंकी जिला अस्पताल में वर्षों से हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। गंभीर हृदय रोगियों को हर बार लखनऊ रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। लोगों का कहना है कि बाराबंकी जैसे बड़े जिले में आधुनिक मेडिकल सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

गौरतलब है कि जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों, बेड और जरूरी संसाधनों की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग

स्थानीय नागरिकों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जिला अस्पताल में जल्द से जल्द हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए तथा मेडिकल कॉलेज और ट्रामा सेंटर की सुविधाओं को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान

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