Barabanki: आक्रोशित अधिवक्ताओं ने जमकर लगाए “एसपी बाराबंकी होश में आओ” के नारे
बाराबंकी में लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर अधिवक्ता मो. शोएब किदवाई की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। फाल्गुनी मेले के बीच हाईवे पर वारदात से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल। जिला बार एसोसिएशन ने 48 घंटे में गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर असेनी मोड़ के पास अधिवक्ता मो. शोएब किदवाई उर्फ बॉबी की अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर निर्मम हत्या कर दी।
घटना के बाद प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सिविल कोर्ट परिसर से लेकर पोस्टमार्टम हाऊस तक जोरदार प्रदर्शन किया। जिला बार एसोसिएशन, बाराबंकी ने पुलिस प्रशासन को 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया है।

घात लगाकर की गई फायरिंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे शोएब किदवई अपनी बलेनो कार (UP 32 PF 4610) से बाराबंकी की ओर आ रहे थे। जैसे ही उनकी कार असेनी मोड़ के पास पहुंची, पहले से घात लगाए अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई गोलियां कार का शीशा तोड़ते हुए उनके शरीर में जा धंसी। सिर, सीने और पैर में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से हाईवे पर अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई। घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं, जिससे हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में अधिवक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। साथी वकीलों में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी देखने को मिला।

फाल्गुनी मेले के बीच हाईवे पर वारदात, सुरक्षा दावों पर सवाल
यह दुस्साहसिक घटना ऐसे समय में हुई है जब जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में चल रहे फाल्गुनी मेले में दूर-दराज के जनपदों से लाखों की संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त इसी हाईवे मार्ग से होकर पहुंच रहे हैं।
मेले को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा हाईवे पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाने का दावा किया गया था। इसके बावजूद दिनदहाड़े हाईवे पर अधिवक्ता की हत्या कर हमलावरों का सुरक्षित फरार हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि इस घटना ने सुरक्षा के दावों की हवा निकाल दी है।

बार एसोसिएशन की आपात बैठक, आंदोलन की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही सिविल कोर्ट परिसर में आक्रोश फैल गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा ने आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक के बाद अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिला और घटना का शीघ्र खुलासा कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।

अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 16 फरवरी को बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड से अधिवक्ता समाज और आम नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। शोएब किदवाई की हत्या क्यों और किन लोगों द्वारा की गई इस सभी प्रश्नों के उत्तर अभी अनुत्तरित हैं और जवाब के लिए अब सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई और हमलावरों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान / अली चांद















