Barabanki: नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर घंटों दलित युवती से दुष्कर्म
बाराबंकी के चकसार जंगल में ऑटो चालक करन शाहू ने नशीली माजा पिलाकर 22 साल की युवती का कई घंटे दुष्कर्म किया। गोसाईगंज-सतरिख पुलिस पर FIR टालने का आरोप, कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल। उत्तर प्रदेश दुष्कर्म केस लेटेस्ट अपडेट

बाराबंकी/लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 7 फरवरी 2026
राजधानी लखनऊ और बाराबंकी जनपद से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिससे कामकाजी महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक 22 वर्षीय दलित युवती ने ऑटो चालक पर नशीला कोल्डड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता के भाई का आरोप है कि घटना के बाद लखनऊ और बाराबंकी पुलिस के चक्कर काटने के बावजूद देर रात तक मामले की एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
ऑटो चालक पर गंभीर आरोप
राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता और उसकी बहन दोनों लखनऊ में नौकरी करती है। दोनों प्रतिदिन अमेठी कस्बे में रहने वाले करन शाहू (पुत्र शिवशंकर शाहू) के ऑटो से यात्रा करती थी। 6 फरवरी 2026 को पीड़िता अकेली लखनऊ गई थी। शाम को ड्यूटी समाप्त होने पर घर लौटने के लिए वो उसी ऑटो में सवार हो गई।
नशीली कोल्डड्रिंक का जाल: कुछ दूर चलने के बाद आरोपी ने उसे माजा पीने को दी। मना करने पर जबरन पिला दिया, जिससे वो बेसुध हो गई।
जंगल में ले जाकर दुष्कर्म
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद ऑटो चालक उसे बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र अंतर्गत चकसार के जंगलों में ले गया, जहां उसे निर्वस्त्र कर बेहोशी की हालत में कई घंटे उसका बलात्कार करता रहा। देर रात होश आने पर जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर घर के पास छोड़ कर फरार हो गया।
किसी तरह गिरते पड़ते घर पहुंची पीड़िता ने जब घरवालों को पूरी घटना बताई, तो उसे सुनकर घरवाले भी सदमे में आ गए।
FIR दर्ज करने में पुलिस की हीलाहवाली
अगले दिन परिजन पीड़िता को लेकर पहले गोसाईगंज थाने पहुंचे, जहां घटना बाराबंकी क्षेत्र की बताकर उन्हें बैरंग लौटा दिया गया। इसके बाद दोपहर के करीब 2 बजे बाराबंकी के सतरिख थाने पहुंचे, लेकिन पीड़िता के भाई का आरोप है कि वहां भी सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध मे पुलिस का पक्ष जानने के लिए सतरिख थाना प्रभारी और सीओ सदर के सीयूजी नंबर पर कॉल किया गया लेकिन दोनों का फोन ही नहीं उठा।
पीड़िता के भाई का आरोप: पुलिस टालमटोल कर रही है। दुष्कर्म जैसे संगीन मामले की एफआईआर तक दर्ज नहीं होना शर्मनाक है।
समयरेखा: 6 फरवरी की घटना, 7 फरवरी की सुबह से देर रात तक थानों के चक्कर काटने के बावजूद नहीं दर्ज हुई एफआईआर
महिला सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
यह मामला न केवल एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई को लेकर जमीनी स्तर पर अब भी बड़ी चुनौतियां मौजूद है। पीड़िता के भाई ने निष्पक्ष जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।
महिला सुरक्षा पर फिर उठा बड़ा सवाल
उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। ऑटो-टैक्सी चालकों पर भरोसा करने वाली युवतियां खतरे में हैं। सरकार की ‘मिशन शक्ति’ जैसी योजनाओं पर सवाल उठे हैं।
यह मामला न केवल एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई को लेकर जमीनी स्तर पर अब भी बड़ी चुनौतियां मौजूद है। पीड़िता का परिवार निष्पक्ष जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
रिपोर्ट – कामरान अल्वी















