Barabanki News
सुबेहा में 6 साल से गुमशुदा बुजुर्ग की जमीन फर्जी बैनामे से हड़पने का आरोप। पीड़िता ने एसपी बाराबंकी से शिकायत कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 फरवरी 2026
बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र में जमीन की जालसाजी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गुमशुदा बुजुर्ग व्यक्ति की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति के नाम दर्ज कृषि भूमि को कूटरचित दस्तावेज़ो के आधार पर फर्जी तरीके से बैनामा कर हड़प लिया गया है। पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय को शिकायती पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
2019 से लापता चल रहे हैं बुजुर्ग बिन्द्रा माली
शिकायतकर्ता कमलेश (70 वर्ष) पत्नी बिन्द्रा माली, निवासी ग्राम टिकुरी मजरे थलवारा, थाना सुबेहा, जनपद बाराबंकी ने बताया कि वर्तमान में वो दक्षिणी दिल्ली के नूर नगर ओखला में रह रही है। उनके पति बिन्द्रा माली (72 वर्ष), जिनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, 13 अप्रैल 2019 को नूर नगर ओखला, दक्षिणी दिल्ली से लापता हो गए थे। इस संबंध में थाना जामिया नगर, ओखला (दिल्ली) में गुमशुदगी भी दर्ज है।

पीड़िता के अनुसार उनके पति के नाम ग्राम थलवारा, परगना सुबेहा, तहसील हैदरगढ़, जिला बाराबंकी में कृषि योग्य भूमि दर्ज है। इसमें गाटा संख्या 1777 (रकबा 0.316 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 1776 (रकबा 0.2275 हेक्टेयर) शामिल है, जिनके वह एकमात्र स्वामी है।

कमलेश ने बताया कि हाल ही में उन्हें गांव के लोगों और रिश्तेदारों से सूचना मिली कि उक्त दोनों गाटो का बैनामा मोहम्मद शफीक पुत्र खुर्शीद मोहम्मद, निवासी मोहल्ला घोसियाना वार्ड, थाना हैदरगढ़, जिला बाराबंकी द्वारा करा लिया गया है। सूचना मिलने पर जब उन्होंने उपनिबंधक कार्यालय हैदरगढ़ से बैनामे की प्रतिलिपि निकलवाई, तो जालसाजी का खुलासा हुआ।

पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मद शफीक ने अपने सहयोगियों—बैनामे के गवाह रामकरन सिंह, जंगबहादुर सिंह और अमरीश यादव एडवोकेट—के साथ मिलकर कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि बैनामे के समय उनके पति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर 01 अगस्त 2025 को फर्जी बैनामा कराया गया। इसके बाद 14 अगस्त 2025 को उसी भूमि का पुनः बैनामा इन्द्रमणि यादव, निवासी धनियामऊ बाजार, लिंक रोड अगरौरा, जनपद जौनपुर के नाम कर दिया गया।

कमलेश ने बताया कि वह एक बेसहारा, वृद्ध और गरीब महिला हैं। इस कथित धोखाधड़ी से उनके बुढ़ापे का एकमात्र सहारा—खेती की जमीन—छीन गई है, जिससे उनके सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से मामले की निष्पक्ष जांच कर जालसाजी में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। एसपी ने मामले की जांच कराने और पीड़िता को न्याय का आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















