Barabanki News:
रामनगर थाना क्षेत्र में महिला पर जानलेवा हमले का आरोप। घर में घुसकर मारपीट और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल। पीड़िता ने एसपी बाराबंकी से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। 28 जनवरी 2026
बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने जिले की कानून-व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने दबंग पड़ोसियों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई के बदले सुलह का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
घर में घुसकर हमला, परिवार के साथ मारपीट का आरोप
रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम अशोकपुर चाचू सराय निवासी जाहिदा पत्नी जुबैर बकई ने अपनी शिकायत में बताया कि 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे वह अपने घर पर मौजूद थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले पवन कुमार व टोनी पुत्रगण स्व० रामदास, गायत्री देवी पत्नी पवन कुमार, सरोज कुमारी पत्नी रामदास इत्यादि गाली-गलौज करते हुए उनके घर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने पहले दरवाजे पर बैठें पालतू कुत्ते के बच्चे को जान से मार दिया, इसके बाद घर में घुसकर तोड़-फोड़ करते हुए बच्चों के साथ मारपीट शुरू कर दी।


पीड़िता का आरोप है कि जब वह बच्चों को बचाने आगे आई तो उनके सिर पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गई। शोर सुनकर पति बीच-बचाव कराने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा घटना का वीडियो बनाए जाने पर मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया। पीड़िता ने हमलावरों पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया है।


खुलेआम धमकियों का आरोप
पीड़िता के अनुसार हमलावर खुलेआम धमकी दे रहे थे कि किसी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे और परिवार को गाँव में नहीं रहने देंगे। जाहिदा का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो हमलावर उनके परिवार का अनिष्ट कर सकते थे।
पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
शिकायत में बताया गया है कि पुलिस ने मौके पर एंबुलेंस बुलाकर घायल महिला को सीएचसी रामनगर भेजा, जहां उसका उपचार कराया गया। हालांकि पीड़िया जाहिदा का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उल्टा उनके पति को हिरासत में लेकर शांति भंग में चालान कर दिया गया।
पीड़िता जाहिदा में यह भी आरोप लगाया की थाने में मौज़ूद पुलिसकर्मियों द्वारा समझौते का दबाव बनाया गया और समझौता न करने पर गंभीर मुकदमे में फंसाने का भय दिखाया गया। पीड़िता के अनुसार पुलिस के इस रवैए से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए है तथा वे लगातार परिवार को धमका रहे हैं।

एसपी से न्याय और सुरक्षा की मांग
स्थानीय पुलिस से निराश होकर पीड़िता ने अब एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। अब एसपी से गुहार के बाद पीड़िता को न्याय मिल सकेगा यह तो समय बतायेगा, फिलहाल मामला सामने आने के बाद जिले में पुलिस की भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / सुनील कुमार















