Barabanki:
बाराबंकी शहर में गयासुद्दीन किदवाई सोशल एंड वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित हुनर मेले में महिलाओं के हुनर से बने उत्पादों की धूम रही। पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने किया उद्घाटन। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
बाराबंकी जिले की नगर पालिका परिषद नवाबगंज प्रांगण में रविवार को गयासुद्दीन किदवाई सोशल एंड वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला हुनर मेला इस बार भी पूरे उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। मेले में बाराबंकी सहित आसपास के जिलों की महिलाओं ने अपने हुनर से तैयार उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और महिलाओं के हुनर की सराहना की।
हुनर मेले में हस्तशिल्प, घरेलू सजावटी सामान, परिधान, खानपान और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों के 45 स्टॉल लगाए गए। भारी तादाद में मेले में पहुंचे लोगों ने न सिर्फ मेले की रौनक बढ़ाई, बल्कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साह भी बढ़ाया।

पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने किया उद्घाटन
हुनर मेले का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के नेता एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद नवाबगंज की चेयरमैन शीला सिंह और उनके पति, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद सिंह वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उद्घाटन के पश्चात सभी अतिथियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलो का निरीक्षण किया और महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना करते हुए खरीदारी भी की।

“जिले में ऐसा हुनर मेला नहीं देखा” : अरविंद सिंह गोप
पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने हुनर मेले की प्रशंसा करते हुए कहा कि हर साल इस मेले में महिलाओं की प्रतिभा और रचनात्मकता देखकर उन्हें बेहद ख़ुशी होती है। उन्होंने कहा कि “इतना बेहतरीन और सशक्त हुनर मेला मैने जिले में कही और नहीं देखा। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल है, जिसकी जितनी भी सराहना की जाए, उतनी कम है।”
महिलाओं को सशक्त बनाने का मंच : इरम किदवाई
कार्यक्रम की आयोजक एवं गयासुद्दीन किदवाई सोशल एंड वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष इरम किदवाई ने बताया कि हुनर मेले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें अपने हुनर को प्रदर्शित करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि इस मेले की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। पहले जहां केवल 16 स्टॉल लगाए गए थे, वही इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 45 स्टॉल तक पहुंच गई है, जो हुनर मेले की बढ़ती पहचान और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















