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Barabanki: लोकतंत्र सेनानियों की मासिक बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष का ज़ोरदार स्वागत, मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन

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बाराबंकी के मसौली चौराहे पर लोकतंत्र सेनानियों की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष राम सिंह भुल्लन वर्मा का जोरदार स्वागत किया गया। बैठक में लोकतंत्र सेनानियों ने अस्पतालों में अलग दवा वितरण व्यवस्था की मांग रखी, जिस पर जिलाध्यक्ष ने उनकी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।

रविवार को बाराबंकी जिले के मसौली चौराहे पर लोकतंत्र सेनानी संगठन की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष राम सिंह भुल्लन वर्मा का लोकतंत्र सेनानियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें शासन स्तर तक पहुंचाने और शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया।

 

अस्पतालों में अलग दवा वितरण की मांग

लोकतंत्र सेनानी संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेशचंद्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने बताया कि संगठन से जुड़े अधिकांश सेनानी 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं। ऐसे में उन्हें दवाइयां लेने के लिए सरकारी अस्पतालों में सामान्य नागरिकों की तरह लंबी लाइनों में लगना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए अस्पतालों में अलग से दवा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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शीघ्र समाधान का मिला आश्वासन

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष राम सिंह भुल्लन वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की यह मांग पूरी तरह जायज है और इस विषय ने शीघ्र ही संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाया गया था, उस दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया, मीडिया की स्वतंत्रता छीनी गई और आम नागरिकों को प्रताड़ित किया गया। ऐसे कठिन समय में लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोकतंत्र सेनानियों, जिन्हें मीसाबंदी कहा जाता है, ने अपने परिवारों की परवाह किए बिना जेल जाना स्वीकार किया।

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अतुलनीय है लोकतंत्र सेनानियों का योगदान

राम सिंह भुल्लन वर्मा ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को जेल में अमानवीय यातनाएं दी गई, वहीं उनके परिवारजनों को भी भारी कष्ट सहने पड़े। कई परिवारों में कमाने वाले सदस्य के जेल के होने के कारण चूल्हा जलना मुश्किल हो गया था और अनेक परिवार आर्थिक व सामाजिक रूप से तबाह हो गए। लोकतंत्र की रक्षा में लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारो का योगदान अतुलनीय है, जिसे देश कभी नहीं भुला सकता।

उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। सरकार और संगठन दोनों का दायित्व है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले इन सेनानियों को सम्मान, सुविधा और सुरक्षा प्रदान की जाए।

 

बैठक में इन प्रमुख लोग की रही मौजूदगी 

बैठक में भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक राजकुमार सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के जिला महामंत्री सुशील चंद्र, अशोक कुमार, सतीश कुमार यादव, अनुज कुमार जयकरन, शिव विशाल, डॉ0 मनोज कुमार, मास्टर राम सुमिरन, शिव सरन शर्मा, शिवराज शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

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Author: Kamran Alvi

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