Lucknow: शुरू हुआ भाईचारे और रहमत का महीना
लखनऊ में मरकज़ी चाँद कमेटी फरंगी महल के ऐलान के अनुसार 18 फरवरी 2026 को रमज़ान का चाँद नज़र आया।
आज से तरावीह की नमाज़, पहला रोज़ा 19 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।
बाराबंकी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में रमज़ान को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह और तैयारियां तेज।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 18 फ़रवरी 2026
मरकज़ी चाँद कमेटी फरंगी महल के सदर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ऐलान किया है कि 29 शाबान 1447 हिजरी, मुताबिक 18 फरवरी 2026 को रमज़ानुल मुबारक का चाँद नज़र आ गया है। इस घोषणा के साथ ही पहला रोज़ा गुरुवार 19 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।
इस ऐलान के बाद राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में मुस्लिम समुदाय में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है।

मरकज़ी चाँद कमेटी फरंगी महली का आधिकारिक ऐलान
मरकज़ी चाँद कमेटी फरंगी महली की ओर से जारी बयान में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने तमाम मुसलमानों को रमज़ानुल मुबारक की दिली मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि यह महीना इबादत, सब्र, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है।

चाँद दिखाई देने की पुष्टि के बाद प्रदेश भर की मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज़ की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
बाराबंकी सहित पूरे प्रदेश में उत्साह
राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद और आसपास के इलाकों में भी रमज़ान के आगमन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और घरों व मस्जिदों में रमज़ान की तैयारियां शुरू कर दी।
बाज़ारों में भी रौनक बढ़ गई है। खजूर, फल, सेहरी और इफ्तार से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी तेज़ हो गई है।
रमज़ान का महत्व और रोज़े की प्रक्रिया
रमज़ान इस्लाम का सबसे मुकद्दस महीना माना जाता है। इस महीने में मुसलमान रोज़ा रखते हैं, कुरआन शरीफ की तिलावत करते हैं और ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में बिताते हैं।
सेहरी से इफ़्तार तक
- रोज़ेदार सुबह सेहरी के समय भोजन करते हैं।
- फज्र से मगरिब तक रोज़ा रखा जाता है।
- मगरिब की नमाज़ के बाद इफ़्तार कर रोज़ा खोला जाता है।
- मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ और विशेष दुआओं का आयोजन होता है।
घर-घर में इफ़्तार की रौनक रहती है और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में ख़ास उत्साह देखने को मिलता है।
भाईचारे और रहमत का महीना
रमज़ान को रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना कहा जाता है। इस दौरान लोग नेक कामों, दान-पुण्य और जरूरतमन्दों की मदद कर अल्लाह की रज़ा हासिल करने की कोशिश करते हैं।
प्रदेश भर के अमन, शांति और भाईचारे के माहौल के बीच रमज़ानुल मुबारक की शुरुआत हो रही है।
रिपोर्ट – नौमान माजिद













