Lucknow:—“दिमाग खोलकर काम करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हरदोई के एसपी को कड़ी फटकार लगाई। पत्रकार पर फर्जी इनाम घोषित कर एनकाउंटर की तैयारी को कानून का खुला दुरुपयोग बताया।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 06 फरवरी 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हरदोई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ शब्दों में कहा कि “दिमाग खोलकर काम करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” कोर्ट ने यह टिप्पणी हरदोई पुलिस द्वारा एक पत्रकार के खिलाफ कथित तौर पर कानून के खुले दुरूपयोग के मामले में की है।
फर्जी केस में फंसाकर घोषित कर दिया था इनाम
मामला हरदोई जनपद के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी से जुड़ा है, जिन्हें वर्ष 2022 में कथित रूप से एक फर्जी मुकदमे में फंसा दिया गया था। पत्रकार वर्ष 2024 से इस मामले में नियमित जमानत पर है और प्रत्येक पेशी पर स्वयं न्यायालय में उपस्थित हो रहे हैं।
इसके बावजूद, हरदोई के एसपी द्वारा वर्ष 2025 में पत्रकार को “फरार अभियुक्त” दर्शाते हुए उन पर ₹5,000 का इनाम घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं, एनकाउंटर की लिखित रूप से धमकी तक दी गई।
सीओ सिटी पर भ्रामक आख्या लगाने का आरोप
इस पूरे में सीओ सिटी अंकित मिश्रा पर गंभीर आरोप लगे हैं। वादी पक्ष के अनुसार, सीओ सिटी ने फर्जी व भ्रामक आख्या तैयार कर न केवल पुलिस अधीक्षक को गुमराह किया, बल्कि वहीं आख्या राज्य मानवाधिकार आयोग को भी भेज दी गई। हालांकि यह मामला फिलहाल मानवाधिकार आयोग में विचाराधीन है।
हाईकोर्ट में अधिवक्ता ने रखी मजबूत दलील
पत्रकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता तौफ़ीक सिद्दीकी ने अदालत में जोरदार बहस करते हुए कहा कि यह पूरा मामला उच्च न्यायालय द्वारा पारित जमानत जमानत आदेश का खुला उल्लंघन है। उन्होंने दलील दी कि पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अवैध है, बल्कि एक पत्रकार की जान को भी खतरे में डालने वाली है।
कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति बबीता रानी एवं न्यायमूर्ति मो. अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने हरदोई एसपी को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि पत्रकार के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित पुलिस आधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी बनाए गए पक्षकार
इस प्रकरण में वादी की ओर से उत्तर प्रदेश के
- अपर मुख्य सचिव (गृह)
- पुलिस महानिदेशक (DGP)
- एडीजी लखनऊ जोन
- आईजी लखनऊ जोन
- जिलाधिकारी हरदोई
- पुलिस अधीक्षक हरदोई
- संबंधित सीओ, एसएचओ व चौकी इंचार्ज रेलवेगंज को पक्षकार बनाया गया है।
रिपोर्ट – नौमान माजिद















