Barabanki: लोक निर्माण विभाग (PWD) पर सड़क निर्माण में मानक उल्लंघन के आरोप।
ग्रामीणों ने ठेकेदार की मनमानी और जलभराव क्षेत्र में गलत निर्माण को लेकर उठाए सवाल, जांच की मांग तेज।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 अप्रैल 2026
जनपद में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के चलते ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य करा रहा है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की जा रही है।

बिना मानक के हो रहा RCC सड़क निर्माण
आरोप है कि आबादी के पास जलभराव वाले क्षेत्र में मानक के विपरीत सड़क निर्माण कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के दौरान न तो उचित मात्रा में बालू का प्रयोग किया गया और न ही पत्थर गिट्टी की सही कुटाई की गई।
बताया जा रहा है कि सीमेन्टेड ईंटें डालकर सीधे उसके ऊपर RCC की ढलाई कर दी गई, जो तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है।


जलभराव क्षेत्र में पुलिया की जगह पाइप डालने का आरोप
यह मामला तहसील सिरौली गौसपुर क्षेत्र के परसा तिराहे से रामपुर होते हुए रामनगर जाने वाले मार्ग का बताया जा रहा है, जहां ठाकुरनपुरवा और जसकरन पुरवा के पास सड़क निर्माण कार्य चल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर तालाब होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है और मार्ग जलमग्न हो जाता है।
ऐसे में पुलिया निर्माण की मांग के बावजूद ठेकेदार द्वारा केवल पाइप डालकर ऊपर सड़क बना दी जा रही है, जिससे भविष्य में समस्या और बढ़ सकती है।


JE ने फोन पर जानकारी देने से किया इनकार
मामले को लेकर जब मीडिया कर्मियों ने लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता राजेश कुमार वर्मा से दूरभाष पर संपर्क कर निर्माण मानकों की जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने फोन पर जानकारी देने से इनकार कर दिया और कार्यालय आने को कहा।
इस रवैये को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि यदि कार्य मानक के अनुरूप है, तो जानकारी देने में हिचक क्यों?


ग्रामीणों में आक्रोश, भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार दोनों ही उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं लगातार सामने आ रही हैं।
जांच की मांग, प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / मनोज












