Barabanki Politics: कुर्सी सीट पर बदले सियासी समीकरण।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख तालिम नजीब उर्फ कोकब ने सपा छोड़कर बसपा की सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव से पहले सपा को बड़ा झटका।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 फरवरी 2026
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बाराबंकी की कुर्सी विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख तालिब नजीब उर्फ कोकब ने शुक्रवार को सपा से इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे पहले हाल ही में हफीज भारती के बसपा में शामिल होने के बाद यह सपा के लिए दूसरा बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
लखनऊ में मायावती से की मुलाकात, बसपा में हुई एंट्री
तालिब नजीब उर्फ कोकब ने लखनऊ स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय पहुंचकर पार्टी की संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से मुलाकात की। इस दौरान बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने उन्हें विधिवत पार्टी की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम में बसपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुर्सी विधानसभा में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
तालिब नजीब के बसपा में शामिल होने से कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके दल परिवर्तन से जहां बसपा की स्थिति मजबूत होगी, वही समाजवादी पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं तालिब नजीब तालिब नजीब लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल चर्चित रहा है। क्षेत्र में उनका अच्छा जनाधार माना जाता है। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने संगठन और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई हैं। ऐसे में उनका बसपा में शामिल होना आगामी चुनावों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
बसपा नेताओं ने जताया भरोसा
इस मौके पर बसपा नेताओं ने कहा कि पार्टी सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की नीति पर कार्य कर रही है। नए और अनुभवी नेताओं के पार्टी में शामिल होने से संगठन को और मजबूती मिलेगी।
ये प्रमुख नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान
- पूर्व एमएलसी दिनेश चंद्र
- फतेहपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र प्रसाद गौतम
- डॉ. रंजीत
- प्रमोद कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
तालिब नजीब के बसपा में शामिल होने से बाराबंकी की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है, जिसका असर आने वाले समय में चुनावी राजनीति पर साफ तौर पर दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी















