Barabanki News – हैदरगढ़ में संविदा विद्युत कर्मियों ने कंपनी पर शोषण, लंबी ड्यूटी और सुरक्षा उपकरणों की कमी के आरोप लगाए हैं।
कर्मचारियों ने समस्याओं का समाधान न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 अप्रैल 2026
बाराबंकी जिले के विद्युत वितरण खंड हैदरगढ़ में कार्यरत संविदा कर्मियों ने कंपनी और उसके सुपरवाइजरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सामूहिक कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। कर्मियों का कहना है कि लगातार हो रहे शोषण और मानसिक उत्पीड़न के कारण अब उनके सामने विरोध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
कंपनी पर शोषण और उत्पीड़न के आरोप
संविदा कर्मचारियों ने इम्पीरियल इलेक्ट्रिक कंपनी, ग्रेटर नोएडा को संबोधित पत्र के माध्यम से अपनी समस्याएं रखीं। उनका आरोप है कि कंपनी और उसके सुपरवाइजर लगातार दबाव बनाकर उनसे अधिक काम करवा रहे हैं और विरोध करने पर धमकियां दी जाती हैं।
कर्मियों के अनुसार, वेतन काटने, ट्रांसफर करने और नौकरी से निकालने की धमकी आम बात हो गई है, जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।


सुरक्षा उपकरणों की कमी से खतरे में जान
कर्मचारियों ने बताया कि फील्ड में काम के दौरान उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) उपलब्ध नहीं कराए जाते। ऐसे में उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है।
मजबूरी में कई बार कर्मियों को अपने निजी पैसों से ही उपकरण खरीदने पड़ रहे हैं। कंपनी द्वारा दी गई गाड़ियां भी जर्जर हालत में हैं, जिससे फील्ड तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।


लंबी ड्यूटी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
संविदा कर्मियों का कहना है कि उन्हें 8 घंटे की जगह 12 से 18 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके अलावा:
- धूप और बारिश में बैठने की व्यवस्था नहीं
- पीने के पानी की उचित सुविधा का अभाव
- पानी लेने जाने पर अनुपस्थित दर्ज करने की धमकी
इन समस्याओं के चलते कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।


हादसे के बाद भी नहीं मिली मदद
कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व में उपकरणों की कमी के कारण कार्मिक चंद्रभान सिंह गंभीर हादसे का शिकार हो चुके हैं, जिनका इलाज अभी भी लखनऊ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
आरोप है कि इलाज में मदद करने के बजाय कंपनी द्वारा धनराशि की मांग की गई, जिससे कर्मचारियों में और अधिक असंतोष फैल गया है।
उपस्थिति और ट्रांसफर को लेकर भी विवाद
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पहले पावर हाउस बुलाकर उपस्थिति दर्ज कराई जाती है, फिर फील्ड में भेजा जाता है। यदि कोई सीधे फील्ड पर पहुंचता है, तो उसका दूरस्थ क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया जाता है।


समाधान न हुआ तो होगा कार्य बहिष्कार
संविदा कर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक कार्य बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी औद्योगिक अशांति के लिए कंपनी और उसके सुपरवाइजर जिम्मेदार होंगे।
इस मौके पर अजमत अली, सुजीत, प्रेमकुमार, सुनदेव कुमार, परिकिशोर, चंदन, रामकल, पवन, राजकुमार, इरशाद, रामकुमार सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













