Barabanki News
घुंघटेर थाना क्षेत्र में सामूहिक दुराचार के मामले में मुख्य आरोपी जेल में है, लेकिन सहयोगियों पर कार्रवाई न होने से नाबालिग किशोरी का दोबारा अपहरण हो गया। पीड़ित परिवार दहशत में है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। 31 जनवरी 2026
बाराबंकी जिले के घुंघटेर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ पहले अपहरण और सामूहिक दुराचार की घटना के बाद, आरोपियों द्वारा उसे दोबारा अपहरण किए जाने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद घटना के सहआरोपितो पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़िता के पिता के अनुसार, 20 दिसंबर 2025 को गांव के ही रहने वाले अजीम, उसके साथी नदीम और पप्पू ने उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण किया था। आरोप है कि इसके बाद किशोरी के साथ एक फर्नीचर की दुकान में सामूहिक दुराचार किया गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने किशोरी को बरामद करते हुए मुख्य आरोपी अजीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन घटना में शामिल उसके दोनों साथियों के खिलाफ उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कार्रवाई न होने से बढ़ा हौसला, मिलती रही धमकियां
पीड़िता के पिता का आरोप है कि आरोपी नदीम और पप्पू खुलेआम उन्हें और उनकी बेटी को धमकाते रहे। 19 जनवरी 2026 को, जब वह मुकदमे की पेशी के सिलसिले में कोर्ट गये हुए थे और घर पर उनकी बेटी अकेली थीं, उसी दौरान दोनों आरोपियों ने किशोरी का दोबारा अपहरण कर लिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी और बेटी की जान को खतरा बताते हुए मदद की गुहार लगाई, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई प्रभारी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 24 जनवरी 2026 को घुंघटेर थाना पुलिस ने नदीम और पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
किशोरी अब तक बरामद नहीं, परिवार दहशत में
हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक नाबालिग किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी है। पेरिया के पिता का आरोप है कि पुलिस न तो आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है और न ही उनकी बेटी को खोजने के लिह ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। इस स्थिति के चलते पूरा परिवार भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर है।
इस मामले ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा, यौन अपराधों में त्वरित कार्रवाई और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / सुनील कुमार















