Barabanki: न्यू उपवन रेस्टोरेंट में फ्रिज में रखा मंचूरियन, दही और क्रिस्पी कॉर्न दूषित व दुर्गंधयुक्त पाया गया
- बाराबंकी के छाया चौराहे स्थित उपवन रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद एक परिवार फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गया। जिला अस्पताल में उपचार कराना पड़ा।
- शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने छापेमारी कर दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई और सुधार नोटिस जारी किया।
- पनीर का नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, लाइसेंस निलंबन की चेतावनी दी गई है।

बाराबंकी, उत्तर जिला | 17 फरवरी 2026
शहर के छाया चौराहे पर स्थित न्यू उपवन रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद एक परिवार के फूड प्वाइजनिंग का शिकार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रेस्टोरेंट पर औचक छापेमारी कर दूषित खाद्य पदार्थ नष्ट कराए और खाद्य सामग्री का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। रेस्टोरेंट संचालक को सुधार नोटिस भी जारी किया है।
जन्मदिन की खुशियां बदली अस्पताल की दौड़ में
नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ा बाग निवासी जय प्रकाश सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर की गई शिकायत में बताया कि 13 फरवरी 2026 को उनकी पुत्री का जन्मदिन था। इस अवसर पर वह अपने परिवार के साथ रात करीब 8 से 10 के बीच न्यू उपवन रेस्टोरेंट में भोजन करने गए थे।
भोजन के कुछ घंटों बाद ही परिवार के सभी सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायत होने पर उन्हें तत्काल जिला की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। अगले दिन दोबारा चिकित्सकीय परीक्षण में डॉक्टर ने फूड प्वाइजनिंग की पुष्टि की।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक से भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया, तो स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया।

खाद्य विभाग की छापेमारी में चौंकाने वाला खुलासा
शिकायत का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने रेस्टोरेंट पर छापा मारा। सहायक आयुक्त खाद्य-ll डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी भगौती प्रसाद और डॉ. अंकिता यादव की टीम ने निरीक्षण किया।

जांच में सामने आई गंभीर खामियां:
- फ्रिज में रखा मंचूरियन, दही और क्रिस्पी कॉर्न दूषित व दुर्गंधयुक्त पाया गया
- मौके पर ही खराब खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई
- रेस्टोरेंट में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक मिली
- संचालक को ‘ सुधार नोटिस ‘ जारी किया गया

टीम ने पनीर का नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि यह रेस्टोरेंट खाद्य विभाग के जिला कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यहां मानकों की अनदेखी हो रही थी, लेकिन विभाग ने तब कार्रवाई की जब परिवार की हालत बिगड़ी और पीड़ित ने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
लोगों का यह भी कहना है कि अक्सर विभाग केवल नमूने भरकर कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल देता है। अब सबकी निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी है कि क्या विभाग इस मामले में सख्त कदम उठाएगा या पूर्व की तरह महज औपचारिकता ही निभाई जाएगी।
ग्राहकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस घटना ने शहर में होटल-रेस्टोरेंट की खाद्य गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई से ही ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












