Barabanki News: बाराबंकी की रामनगर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर 79 शिकायतें मिलीं, सिर्फ 7 का मौके पर निस्तारण हुआ। 51 शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी रहीं। कर्मचारियों पर फरियादियों ने लगाए आरोप।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 नवंबर 2026
बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर एक बार फिर सवाल उठे। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 79 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन इनमें से महज सात का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
समाधान दिवस में सबसे अधिक 51 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। यह आंकड़ा जमीन से जुड़े विवादों, राजस्व अभिलेखों और अन्य समस्याओं को लेकर लोगों की लगातार बनी परेशानी को दर्शाता है। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे फरियादियों ने कतार में लगकर अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं। हालांकि, अधिकांश लोगों को तत्काल राहत नहीं मिल सकी और उन्हें समस्या के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ा।
कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के पहुंचने से पहले लेखपाल और कानूनगो रास्ते में खड़े होकर फरियादियों पर नजर रख रहे थे। इन आरोपों ने समाधान दिवस में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किए।

79 शिकायतें पहुंचीं, सिर्फ 7 का मौके पर हुआ निस्तारण
रामनगर तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिले और तहसील स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे फरियादियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस दौरान कुल 79 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मौके पर निस्तारित शिकायतों की संख्या कुल शिकायतों के मुकाबले कम रही। ऐसे में जिन फरियादियों को तत्काल राहत नहीं मिल सकी, उन्हें अब संबंधित विभागों की कार्रवाई और समस्या के समाधान का इंतजार करना होगा।
राजस्व विभाग की 51 शिकायतें, जमीन और अभिलेखों से जुड़े मामले प्रमुख
समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों में सबसे बड़ा हिस्सा राजस्व विभाग का रहा। कुल 79 शिकायतों में से 51 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। इसके अलावा ग्राम विकास विभाग की आठ और बैंक विभाग की तीन शिकायतें दर्ज की गईं। अन्य विभागों से संबंधित छह शिकायतें भी प्राप्त हुईं।
राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की संख्या अधिक होना तहसील स्तर पर जमीन संबंधी विवादों और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं की गंभीरता को सामने लाता है। जमीन की पैमाइश, सीमांकन, कब्जे, वरासत और अभिलेखों में त्रुटियों जैसे मामलों को लेकर ग्रामीणों को अक्सर तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
हालांकि, प्राप्त शिकायतों का विस्तृत विषयवार ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया, लेकिन राजस्व विभाग से संबंधित 51 शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि इन मामलों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण की जरूरत है।

शिकायतों की अधिक संख्या ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
एक ही समाधान दिवस में 51 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित होना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। यदि जमीन और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण स्थानीय स्तर पर समय से हो, तो फरियादियों को बार-बार तहसील और अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित अधिकारी इन शिकायतों का कितनी गंभीरता से और कितने समय में निस्तारण करते हैं।
कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
समाधान दिवस में पहुंचे कुछ फरियादियों ने आरोप लगाया कि वे संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। लोगों का कहना था कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न होने से उन्हें बार-बार अधिकारियों के सामने अपनी बात रखनी पड़ती है।
कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के पहुंचने से पहले लेखपाल और कानूनगो रास्ते में खड़े होकर आने-जाने वाले फरियादियों पर नजर रख रहे थे।
फरियादियों के इन आरोपों के बीच यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि शिकायतों के निस्तारण की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है और यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच किस तरह सुनिश्चित की जाती है।

डीएम और एसपी की मौजूदगी में हुआ समाधान दिवस
रामनगर तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी ने की। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी, उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता, तहसीलदार विपुल सिंह, खंड विकास अधिकारी राहुल पांडेय, अधीक्षक प्रणव कुमार श्रीवास्तव और रामनगर कोतवाल अरुण प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को उनके निस्तारण के लिए भेजा। कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
अब शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर रहेगी नजर
संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को एक ही स्थान पर सुनकर उनका त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। लेकिन रामनगर में प्राप्त 79 शिकायतों में से केवल सात का मौके पर निस्तारण हो पाना इस व्यवस्था के सामने चुनौती को दर्शाता है
खासतौर पर राजस्व विभाग से जुड़ी 51 शिकायतों के निस्तारण पर अब निगाहें रहेंगी। फरियादियों को उम्मीद है कि उनके प्रार्थना पत्र केवल संबंधित विभागों को भेजने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान भी होगा। साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और शिकायतकर्ताओं को राहत मिलना भी प्रशासन की जवाबदेही का अहम हिस्सा होगा।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी












