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Barabanki: छुट्टा मवेशी से टकराने के बाद नाले में गिरा बाइक सवार युवक; गंभीर हालत में भेजा गया अस्पताल, लगातार हादसों के बाद भी नहीं जाग रहा प्रशासन?

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Barabanki News: कुर्सी क्षेत्र में छुट्टा मवेशी की टक्कर से बाइक सवार युवक खुले नाले में गिरा।

हादसे में गंभीर रूप से हुआ घायल। ग्रामीणों ने मवेशी पकड़ने और नाला ढकने की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 25 अगस्त 2026

बाराबंकी में छुट्टा मवेशी और खुले नाले का खतरनाक गठजोड़ एक बार फिर सड़क हादसे की वजह बन गया। कुर्सी कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर अचानक एक छुट्टा मवेशी बाइक से टकरा गया। टक्कर के बाद बाइक सवार युवक सड़क किनारे बने खुले नाले में जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को नाले से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा।

अचानक बाइक के सामने आया छुट्टा मवेशी, नाले में जा गिरा युवक

जानकारी के अनुसार अंबरपुर गांव निवासी बलराम (28) मंगलवार शाम बाइक से कुर्सी की ओर जा रहे थे। वह टिकैतगंज कस्बे में जुम्मनपुरवा गांव के सामने पहुंचे ही थे कि अचानक सड़क पर मौजूद एक छुट्टा मवेशी बाइक के सामने आ गया। बलराम कुछ समझ पाते, इससे पहले ही मवेशी ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर लगते ही बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बलराम बाइक समेत सड़क किनारे बने खुले नाले में जा गिरे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने दौड़कर उन्हें नाले से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

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मवेशी से टक्कर के बाद खुले नाले ने बढ़ाई मुश्किल

ग्रामीणों का कहना है कि हादसे में सिर्फ छुट्टा मवेशी ही खतरा नहीं बना, बल्कि सड़क किनारे मौजूद बिना स्लैब का खुला नाला भी युवक की चोटों को गंभीर बनाने की वजह बन गया।

यदि नाला ढका होता तो बाइक सवार सड़क से नीचे गिरने से बच सकता था। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क किनारे बने इस नाले पर स्लैब लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कुछ दिन पहले छुट्टा मवेशी की टक्कर से हुई थी अवर अभियंता की मौत

छुट्टा मवेशियों से होने वाले हादसों का मुद्दा बाराबंकी और आसपास के जिलों में लगातार गंभीर होता जा रहा है।

कुछ दिन पहले ही सीतापुर जिले के महमूदाबाद थाना क्षेत्र के सौसा गांव निवासी अवर अभियंता रंजीत वर्मा पुत्र अंबर वर्मा भी छुट्टा मवेशी से टकराने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

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अब इस घटना के बाद एक बार फिर सड़कों पर घूम रहे छुट्टा मवेशियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

खेतों में फसल बचाने के लिए किसान कर रहे पहरेदारी

छुट्टा मवेशियों की समस्या केवल सड़क हादसों तक सीमित नहीं है। निंदूरा क्षेत्र के कंचनपुर गांव में किसान अपनी फसलों को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों के अनुसार लगातार पहरेदारी के बावजूद मवेशियों के झुंड खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का सवाल—आखिर कब पकड़े जाएंगे छुट्टा मवेशी?

मंगलवार के हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों और गांवों में खुलेआम घूम रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • सड़क पर घूम रहे छुट्टा मवेशियों को तत्काल पकड़ा जाए।
  • उन्हें सुरक्षित तरीके से गौशालाओं में भेजा जाए।
  • लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर खुले नालों को स्लैब डालकर ढका जाए।
  • हादसे वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
  • सड़क किनारे खुले नालों और अन्य खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर सुधार कराया जाए।
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ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ छुट्टा मवेशी सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं और दूसरी तरफ खुले नाले हादसे को और गंभीर बना रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हादसा होने का इंतजार करने के बजाय पहले से सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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