Barabanki News: बाराबंकी में हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
युवक ने जहरीले कोबरा को पकड़ लिया, सांप ने तीन बार डसा फिर भी नहीं छोड़ा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 14 अगस्त 2026
आपने जहरीले कोबरा के इंसानों को काटने के किस्से तो बहुत सुने होंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक इंसान के जहरीले कोबरा को काटने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों के मुताबिक युवक ने कोबरा को पकड़ लिया और सांप ने उसे एक-दो नहीं बल्कि तीन बार डस लिया, फिर भी युवक ने सांप को नहीं छोड़ा।
मामला मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बैरानामऊ मंझारी गांव का है। गुरुवार शाम एक घर में कोबरा निकलने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान पड़ोसी युवक संजय चौहान कथित तौर पर नशे की हालत में मौके पर पहुंचा और जहरीले सांप को पकड़ने लगा।
कोबरा ने तीन बार डसा, युवक ने नहीं छोड़ा
ग्रामीणों के अनुसार, संजय ने कोबरा को पकड़ लिया। सांप ने बचने की कोशिश में युवक को तीन बार डस लिया, लेकिन युवक ने उसे नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि सांप के काटने से गुस्सा युवक सांप को ही अपने मुंह से काटने लगा।
बाद में उसने डंडे से सांप को मार दिया और उसके शव को हाथ में लपेटकर गांव में घूमने लगा।
हाथ में कोबरा लपेटकर घूमता रहा युवक
जहरीले सांप को हाथ में लपेटकर युवक को गांव में घूमता देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों ने उसे समझाया कि सांप के काटने के बाद तुरंत अस्पताल जाए, लेकिन काफी देर तक युवक इसी तरह घूमता रहा।
बाद में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के दौरान किसी ने युवक का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बाराबंकी के इस गांव की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
डॉक्टर ने बताया- सांप काटने पर न करें लापरवाही
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी ने लोगों को सलाह दी कि जहरीले सांप के काटने के बाद किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सांप के काटने की स्थिति में घरेलू उपचार या झाड़-फूंक के बजाय पीड़ित को बिना समय गंवाए अस्पताल ले जाना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से गंभीर खतरे को कम किया जा सकता है।
रिपोर्ट – वीरेंद्र सिंह














