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Barabanki: करोड़ों के टेंडर में ‘सेटिंग’ का खेल! टेंडर खुलने से पहले ही सड़क पर उतर गई ठेकेदार की टीम, लगा डाली डेकोरेटिव लाइट; आईजीआरएस शिकायत के बाद मचा हड़कंप

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Barabanki News: बाराबंकी नगर पालिका में 1.10 करोड़ रुपये के डेकोरेटिव लाइट प्रोजेक्ट पर बड़ा विवाद।

टेंडर खुलने से एक हफ़्ते पहले ही काम शुरू होने का आरोप, आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज। जानिए पूरा मामला।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नगर पालिका परिषद नवाबगंज क्षेत्र में एक करोड़ दस लाख रुपये के विकास कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से एक हफ़्ते पहले ही मनपसंद फर्म को काम सौंप दिया गया और शहर में डेकोरेटिव लाइटें व स्टेनलेस स्टील ट्री-आकार के स्लप्चर लगाने का कार्य शुरू करा दिया गया। मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कर जांच की मांग की गई है।

शिकायत के बाद अब नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी ही नहीं हुई थी, तो आखिर करोड़ों रुपये का काम किसके आदेश पर और किस फर्म द्वारा कराया जा रहा है।

टेंडर खुलने से पहले ही सड़क पर शुरू हो गया 1.10 करोड़ का काम

मामला नगर पालिका परिषद नवाबगंज क्षेत्र में कराए जा रहे उस कार्य से जुड़ा है, जिसके तहत शहर के बीच से गुजरने वाले पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर जिलाधिकारी आवास के निकट कल्पना शोरूम से पल्हरी चौराहे तक स्ट्रीट पोलों पर डेकोरेटिव एलईडी लाइटें और ट्री-आकार के स्टेनलेस स्टील स्लप्चर लगाए जाने हैं।

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इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.10 करोड़ रुपये बताई गई है।

तस्वीरों ने खोली पोल, कागजों में टेंडर बाकी… मैदान में काम जारी

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका के दस्तावेजों और ई-निविदा पोर्टल के अनुसार इस कार्य के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 6 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे निर्धारित थी, जबकि टेंडर खोलने की तारीख 7 अगस्त 2026 दोपहर 3 बजे तय की गई है।

इसके बावजूद तहसील नवाबगंज और जिलाधिकारी आवास के सामने पोलों पर डेकोरेटिव लाइटें पहले से लगी हुई दिखाई दे रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अभी तक टेंडर खोला ही नहीं गया, तो फिर करोड़ों रुपये का काम किस आधार पर कराया जा रहा है?

आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत, उठाए गए गंभीर सवाल

शहर के देवा रोड निवासी मोहम्मद अजफर ने इस पूरे मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई है।

उन्होंने शिकायत में कहा कि—

  • टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 6 अगस्त थी।
  • टेंडर 7 अगस्त को खोला जाना है।
  • इसके बावजूद 30 जुलाई से ही मौके पर काम शुरू कर दिया गया।
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उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि बिना टेंडर आवंटन के किस फर्म को कार्य करने की अनुमति दी गई।

नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि बोले- मुझे जानकारी नहीं

जब इस संबंध में नगर पालिका परिषद नवाबगंज की अध्यक्ष शीला सिंह के पति एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह वर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वे इस समय दिल्ली में हैं।

उन्होंने कहा कि—

“टेंडर खुलने की तिथि 7 अगस्त ही निर्धारित थी। बिना टेंडर खुले यदि लाइटें लगाई गई हैं तो इसकी मुझे स्पष्ट जानकारी नहीं है। जानकारी मिली है कि लखनऊ के किसी ठेकेदार द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है।”

ठेकेदार और एसडीएम की करीबी को लेकर भी चर्चाएं

इस पूरे मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि जिस ठेकेदार द्वारा टेंडर खुलने से पहले ही कार्य कराया जा रहा है, वह एसडीएम गुंजिता अग्रवाल का करीबी बताया जा रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि रामनगर तहसील में उनकी तैनाती के दौरान भी उसी ठेकेदार को कार्य मिला था।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।

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जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो करोड़ों रुपये के इस कार्य में नियमों के उल्लंघन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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