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बाराबंकी में 15 दिनों से खराब पड़ा सरकारी ट्यूबवेल: एक दूसरे पर दोष मढ़ रहे जिम्मेदार, सैकड़ों बीघा फसल सूखने की कगार पर; किसानों ने किया प्रदर्शन

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बाराबंकी के करोरा गांव में खराब सरकारी ट्यूबवेल को लेकर किसानों का हंगामा, फसल बचाने की लगाई गुहार

15 दिनों से बंद पड़ा सरकारी ट्यूबवेल, सिंचाई संकट से जूझ रहे किसान

नलकूप विभाग और बिजली विभाग पर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का आरोप

सैकड़ों बीघा फसल सूखने की कगार पर, किसानों में भारी आक्रोश

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 28 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के करोरा गांव में सरकारी ट्यूबवेल पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा हुआ है, जिससे किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने से नाराज दर्जनों किसानों ने गुरुवार को सरकारी ट्यूबवेल परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द ट्यूबवेल ठीक कराने की मांग उठाई।

किसानों का आरोप है कि सरकारी लापरवाही के कारण उनकी सैकड़ों बीघा फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते खेतों में लगी फसलें तेजी से खराब हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

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किसानों ने विभागों पर लगाया टालमटोल का आरोप

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उन्होंने कई बार नलकूप विभाग से शिकायत की, लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर मामले को टाल दिया गया। किसानों के मुताबिक पहले नलकूप विभाग ने बिजली की समस्या बताई। इसके बाद जब किसानों ने बिजली विभाग से संपर्क किया तो लाइनमैन मौके पर पहुंचा और जांच के बाद बताया कि ट्यूबवेल की मोटर खराब है।

किसानों का कहना है कि जब दोबारा नलकूप विभाग से संपर्क किया गया तो वहां से वोल्टेज की समस्या होने की बात कही गई। इससे किसानों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं, जबकि किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं।

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फसल बचाने के लिए किसानों ने लगाई गुहार

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ट्यूबवेल ठीक नहीं कराया गया तो मेंथा और अन्य फसलें पूरी तरह खराब हो सकती हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ट्यूबवेल को चालू कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान बुनियादी सिंचाई सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं। समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

सरकारी ट्यूबवेल बंद होने से क्षेत्र के कई गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण खेती पूरी तरह मौसम के भरोसे रह गई है। किसानों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करने और सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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