बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के तिलहा गांव में अवैध रूप से हरे अर्जुन के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है।
वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच की और ठेकेदार के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की।
वन विभाग की कार्रवाई से लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 25 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिलहा में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां बिना परमिट तीन हरे अर्जुन के पेड़ों का कटान पाया गया।
वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कटान करने वालों में दहशत का माहौल है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार 25 मई 2026 को वन दरोगा अनुज कुमार सिंह को सूचना मिली थी कि ग्राम तिलहा में एक ठेकेदार द्वारा हरे पेड़ों की अवैध कटाई कराई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान टीम को तीन हरे अर्जुन के पेड़ कटे हुए मिले। मौके पर हुई पूछताछ और जांच में सामने आया कि पेड़ों की कटाई ठेकेदार अनूप कुमार सिंह द्वारा कराई गई थी।

बिना परमिट प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई पर जुर्माना
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेड़ों की कटाई के लिए कोई वैध अनुमति या परमिट प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके चलते संबंधित ठेकेदार के खिलाफ वन अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई।
वन दरोगा अनुज कुमार सिंह ने बताया कि बिना अनुमति प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है और अवैध कटान करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वन विभाग की कार्रवाई से लकड़ी माफियाओं में हड़कंप
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय अवैध लकड़ी कारोबारियों और वन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चोरी-छिपे पेड़ों की कटाई की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन कार्रवाई कम होती थी।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए ताकि हरे पेड़ों की अवैध कटाई पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त
विशेषज्ञों का कहना है कि अर्जुन जैसे पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार हो रही अवैध कटाई से पर्यावरण और भूजल स्तर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध कटान की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद














