बाराबंकी के रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर भव्य कॉरिडोर निर्माण की तैयारी तेज हो गई है।
प्रशासन ने प्रभावित मकान मालिकों को मुनादी कर घर खाली करने के निर्देश दिए हैं।
जहां एक ओर लोग विकास कार्य से खुश हैं, वहीं दूसरी ओर घर टूटने और मुआवजे को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर भव्य स्वरूप देने की तैयारी अब तेजी पकड़ चुकी है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कॉरिडोर निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। इसी क्रम में कॉरिडोर के मुख्य द्वार का निर्माण नामित कंपनी द्वारा कराया जा रहा है, जबकि परियोजना की जद में आने वाले मकानों और दुकानों को हटाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रशासन ने कराई मुनादी, मकान खाली करने की अपील
शनिवार शाम उप जिलाधिकारी रामनगर आनंद कुमार तिवारी के निर्देश पर हल्का लेखपाल संतोष कुमार वर्मा द्वारा कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले मकान मालिकों और दुकानदारों के बीच मुनादी कराई गई। प्रशासन की ओर से लोगों से जल्द से जल्द अपने मकान खाली करने की अपील की गई, ताकि ध्वस्तीकरण और भूमि समतलीकरण के बाद कॉरिडोर निर्माण कार्य को गति दी जा सके।
मुनादी होते ही इलाके में हलचल तेज हो गई और प्रभावित परिवारों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई देने लगी।

“इतनी जल्दी कहां जाएं?” — प्रभावित परिवारों की बढ़ी चिंता
कॉरिडोर परियोजना की जद में आने वाले कई परिवार अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। लोगों का कहना है कि अचानक मकान खाली करने की सूचना मिलने से उनके सामने सबसे बड़ी समस्या गृहस्थी का सामान और परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई ऐसे मकान भी हैं जिनकी रजिस्ट्री विभिन्न कारणों से नहीं हो सकी है। ऐसे लोगों को अब तक मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना मुआवजे के वे नया घर भी नहीं बना पाए हैं, ऐसे में अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
कॉरिडोर बनने की खुशी भी, घर उजड़ने का दर्द भी
क्षेत्रीय लोगों में लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर निर्माण को लेकर उत्साह भी देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
हालांकि दूसरी ओर वर्षों पुराने घरों और पुश्तैनी आशियानों को टूटते देखने का दर्द भी लोगों की आंखों में साफ झलक रहा है। कई परिवार भावुक नजर आए और उन्होंने प्रशासन से उचित समय, मुआवजा और पुनर्वास की मांग की।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होगा लोधेश्वर महादेवा धाम
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। मंदिर परिसर के आसपास चौड़ी सड़कें, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, पार्किंग, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की योजना पर कार्य चल रहा है।
कॉरिडोर निर्माण पूरा होने के बाद लोधेश्वर धाम प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
मुआवजे और पुनर्वास को लेकर अब भी बना संशय
हालांकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से पुनर्वास और मुआवजे को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। यही वजह है कि क्षेत्र में चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है। लोग प्रशासन से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और प्रभावित परिवारों के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी













