Barabanki: कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज, जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
बाराबंकी में यूनियन बैंक फतेहपुर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक व कैशियर समेत तीन पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज। किसान के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर 2.59 लाख रुपये निकालने का आरोप, न्यायालय के आदेश पर एफआईआर।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 फरवरी 2026
बाराबंकी जिले में न्यायालय के आदेश पर यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की फतेहपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक किसान की ओर से न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र के आधार पर की गई है। अदालत ने कोतवाली फतेहपुर पुलिस को एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष विवेचना के निर्देश दिए हैं।
किसान के खाते से लूज लीफ चेक द्वारा निकाली गई रकम
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के पंडित पुरवा हरक्का गांव निवासी 60 वर्षीय किसान विश्वनाथ ने बताया कि उनका यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया फतेहपुर शाखा में बचत खाता एवं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खाता संचालित है। पीड़ित के अनुसार, 29 मई 2021 को उनके किसान क्रेडिट कार्ड खाते में 2.59 लाख रुपए जमा किए गए थे, लेकिन बाद में बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से लूज लीफ चेक के जरिए खाते से नगद भुगतान कर लिया गया।
किसान का साफ कहना है कि उन्होंने न तो कोई चेक जारी किया और न ही स्वयं खाते से कोई रकम निकली।
नोटिस मिलने पर हुआ खुलासा, RTI से सामने आई सच्चाई
पीड़ित को खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी तब हुई जब 23 जुलाई 2024 और 9 सितंबर 2024 को बैंक की ओर से नोटिस प्राप्त हुए। नोटिस मिलने के बाद जब किसान बैंक पहुंचा तो शुरुआत में बैंक कर्मचारियों में लेनदेन को सही बताया।
इसके बाद किसान ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी, जिसमें खुलासा हुआ कि फर्जी हस्ताक्षर कर उसके खाते से रुपए निकाले गए थे।
उच्चाधिकारियों से शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
किसान विश्वनाथ का आरोप है कि उसने बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय समेत अन्य उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा बैंक अधिकारियों द्वारा धमकी और अपशब्द कहने का आरोप पीड़ित ने लगाया है।
थाने और प्रशासन से भी नहीं मिली मदद
पीड़ित किसान ने स्थानीय थाने, पुलिस अधीक्षक बाराबंकी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
अदालत की शरण में पहुंचा किसान
प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने से हताश होकर किसान ने बीएनएस की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बाराबंकी की अदालत में याचिका दाखिल की। याचिका में शाखा प्रबंधक, कैशियर और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
न्यायालय का आदेश
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने वादी के बयानों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए धोखाधड़ी और जालसाजी का संज्ञेय अपराध बनता पाए जाने पर फतेहपुर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












