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Barabanki: अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट समेत कई मांगो को लेकर वकीलों का ज़ोरदार प्रदर्शन, सीएम, गवर्नर सहित केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन

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Barabanki: अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट समेत कई मांगो को लेकर वकीलों का ज़ोरदार प्रदर्शन

अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट, टोल टैक्स माफी, रुदौली तहसील वापसी और बाराबंकी को लखनऊ मंडल में शामिल करने की मांग को लेकर वकीलों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 फरवरी 2026

अधिवक्ताओं की सुरक्षा, न्यायिक सुविधा और प्रशासनिक पुनर्गठन की मांगों को लेकर शनिवार को जिला बार एसोसिएशन बाराबंकी के अधिवक्ताओं ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। बार अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ता कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं केंद्रीय परिवहन मंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह को सौंपा।

 

अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल की उठी पुरजोर मांग

जिला बार अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में देश और प्रदेश में अधिवक्ताओं के साथ आपराधिक घटनाएं और उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो आम जनता को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाता है, इसके बावजूद आज अधिवक्ता स्वयं को असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू होना समय की मांग है, जिससे न केवल अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और जनहित भी सुरक्षित रहेगा।

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बाराबंकी को लखनऊ मंडल में शामिल करने की मांग

अधिवक्ताओं ने मांग की कि जनपद बाराबंकी को अयोध्या मंडल के स्थान पर लखनऊ मंडल में शामिल किया जाए। अध्यक्ष ने बताया कि बाराबंकी से लखनऊ मंडल की दूरी मात्र 30 किमी, जबकि अयोध्या मंडल की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है। ऐसे में अधिवक्ताओं और वादकारियों को सुलभ न्याय पाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इस संबंध में जिला बार एसोसिएशन की आमसभा द्वारा पूर्व में भी प्रस्ताव पारित किया जा चुका है।

 

अधिवक्ताओं से टोल टैक्स वसूली का विरोध

ज्ञापन में शहाबपुर, अहमदपुर और बारा टोल प्लाजा को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे कोर्ट ऑफिसर की श्रेणी में आते हैं और न्यायिक कार्यों के लिए प्रतिदिन जिला मुख्यालय आते-जाते है, इसके बावजूद उनसे चार पहिया वाहनों का टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है।

अधिवक्ताओं ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भेजकर तीनों टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के वाहनों का टोल टैक्स मुक्त किए जाने की मांग की।

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रुदौली तहसील को पुनः बाराबंकी में शामिल करने की मांग तेज़

ज्ञापन में रुदौली तहसील को पुनः बाराबंकी जनपद में शामिल करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने बताया कि रुदौली तहसील ऐतिहासिक रूप से बाराबंकी का अभिन्न अंग रही है, लेकिन बिना जन मांग के इसे अयोध्या जनपद में शामिल कर दिया गया।

उन्होंने याद दिलाया कि 24 फरवरी 2017 को स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा रुदौली तहसील को पुनः बाराबंकी में जोड़ने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे क्षेत्र की जनता में निराशा है।

 

ज्ञापन में अन्य मांगे भी शामिल

ज्ञापन में निम्न मांगें भी शामिल रही—

  • उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू किया जाए
  • जूनियर अधिवक्ताओं को ₹5,000 मासिक प्रोत्साहन राशि दी जाए
  • असामयिक निधन पर अधिवक्ताओं की पत्नियों को ₹20,000 मासिक पेंशन दी जाए
  • बाराबंकी को लखनऊ मंडल में शामिल किया जाए
  • अधिवक्ताओं के वाहनों पर टोल टैक्स पूरी तरह माफ किया जाए

 

ADM ने दिया ज्ञापन अग्रसारित करने का आश्वासन

जिलाधिकारी के अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री व अन्य संबंधित तक प्रेषित कराने का आश्वासन दिया।

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सैकड़ों अधिवक्ता रहे मौजूद

इस दौरान देवराम यादव, मनोज कुमार सिंह, अनुराग शुक्ला, पंकज रावत, नवनीत वर्मा, देशराज वर्मा, ब्रजेश वर्मा, सी.बी. सिंह, मदनलाल यादव, ज्योति प्रकाश तिवारी, त्रिभुवन यादव सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

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Author: Kamran Alvi

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