Barabanki News:
यूजीसी एक्ट के विरोध में बाराबंकी में सवर्ण आर्मी का प्रदर्शन। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने कानून को वापस लेने की मांग की, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कानून पर लगाई है रोक।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 फरवरी 2026
13 जनवरी को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट कानून को लेकर देश भर में विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। कानून लागू होने के बाद से ही इसे लेकर सवर्ण समाज के छात्रों और संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एक सप्ताह पूर्व सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस कानून पर रोक (स्टे) लगाए जाने के बावजूद विभिन्न राज्यों में इसका विरोध जारी है।
मंगलवार को बाराबंकी में सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष राहुल बाजपेई के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर यूजीसी एक्ट को “काला कानून” बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को सौंपते हुए इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान सवर्ण आर्मी जिला अध्यक्ष राहुल बाजपेई ने कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के छात्रों के भविष्य के लिए घातक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के लागू होने से समाज विशेष के छात्रों के साथ भेदभाव होगा और उनकी शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से इस कानून पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन और अनिश्चितकालीन अनशन के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे के बावजूद सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस कानून को पूरी तरह निरस्त करे और सवर्ण समाज के छात्रों के हित में नया निर्णय ले।
इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर अनुज शुक्ला, हीरा मिश्रा, अमित मिश्रा, सुनील पांडेय, विवेक शुक्ला, अंशु शुक्ला, अमन सिंह, शुभम सिंह, अभिषेक पाण्डेय, लक्ष्मीकांत पांडेय, लवलेश अवस्थी सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से ज्ञापन स्वीकार करते हुए उसे संबंधित तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















