Barabanki:
बाराबंकी के फतेहपुर वन रेंज में वन माफियाओ ने रात के अंधेरे में हरे-भरे आम के चार पेड़ काट डाले। ग्रामीणों ने अवैध कटाई और सबूत मिटाने का आरोप लगाया, वन विभाग ने जांच का आश्वासन दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
बाराबंकी जिले की फतेहपुर वन रेंज अंतर्गत मुजाहिदपुर गांव में वन माफियाओ ने पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाते हुए हरे-भरे आम के चार पेड़ो को अवैध रूप से काट डाला। यह घटना रविवार रात मुजाहिदपुर गांव में नहर किनारे स्थित एक बाग में सामने आई, जहां बीते दो दिनों से लगातार रात के समय पेड़ो की कटाई किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
रात के अंधेरे में अवैध कटाई
ग्रामीणों के मुताबिक, रविवार रात करीब तीन बजे अचानक बाग में मशीनों की आवाजें गूंजने लगी। जब लोगों ने ध्यान दिया तो देखा कि वन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आम के पेड़ो की कटाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वही दूसरी ओर वन विभाग की मिलीभगत से वन माफिया खुलेआम पेड़ो पर कुल्हाड़ी चला रहे है।

ठूंठ उखाड़कर मिटाए जा रहे सबूत
ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि पेड़ काटने के बाद ठेकेदार और माफिया पेड़ो के ठूंठ तक उखाड़कर उन्हें मिट्टी से ढक देते हैं, ताकि मौके पर किसी प्रकार के अवैध कटाई के सबूत न मिल सके। इससे यह अंदेशा और गहरा गया है कि यह पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।
डिप्टी रेंजर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
इस संबंध में फतेहपुर वन रेंज के डिप्टी रेंजर जितेन्द्र कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की नाराजगी और चिंता
हालांकि, ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराज़गी और चिंता है कि जांच के नाम पर कहीं केवल औचारिकता न निभाई जाए और मामूली जुर्माना लगाकर ठेकेदारों को संरक्षण दे दिया जाए। उनका कहना है कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध कटाई करने वालों के हौसले और बुलंद होंगे और क्षेत्र की हरियाली लगातार खत्म होती चली जाएगी।
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध कटाई पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















