Barabanki

Barabanki: पराली जलाने वाले किसानों पर FIR! शहर की घनी आबादी के बीच कूड़ा जलाने की खुली छूट? प्रशासन की दोहरी नीति – जहरीले धुएं से स्थानीय लोग परेशान

SHARE:

Barabanki:

बाराबंकी शहर में घनी आबादी के बीच थर्माकोल और प्लास्टिक जलाने का मामला सामने आया है। ज़हरीले धुएं से वातावरण प्रदूषित हुआ, लोगो को सांस लेने में दिक्कत हुई। एक ओर पराली जलाने वाले किसानों पर FIR, दूसरी ओर नगर क्षेत्र में कूड़ा जलाने पर कार्रवाई नहीं—प्रशासन की दोहरी नीति और पर्यावरण संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।

बाराबंकी शहर में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन की दोहरी नीति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जहां एक ओर खेतों में पराली जलाने वाले किसानों पर जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करते हुए मुकदमे दर्ज कराता है, वही दूसरी ओर नगर क्षेत्र की घनी आबादी के बीच खुलेआम कूड़ा-कचरा जलाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे नजर आ रहे हैं। इस लापरवाही से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

 

नगर क्षेत्र के GIC ऑडिटोरियम परिसर का मामला

ताजा मामला नगर क्षेत्र में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के ऑडिटोरियम परिसर का है। रविवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम के बाद आयोजकों द्वारा आगंतुकों को भोजन कराने में इस्तेमाल की गई हजारों थर्माकोल की डिस्पोजल प्लेटें, प्लास्टिक ग्लास और सजावट में प्रयुक्त अन्य सामग्री को ऑडिटोरियम के दाहिनी ओर स्थित खुली जगह और अंदर बने स्टेज की सीढ़ियों के पास एकत्र कर दिया गया।इसके बाद इस कचरे में आग लगा दी गई।

यह भी पढ़ें  Barabanki: मोटरसाइकिल गिरने पर नाबालिग की बेरहमी से पिटाई, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती; कार्रवाई न होने का आरोप

Barabanki: पराली जलाने वाले किसानों पर FIR! शहर की घनी आबादी के बीच कूड़ा जलाने की खुली छूट? प्रशासन की दोहरी नीति - जहरीले धुएं से स्थानीय लोग परेशान

ज़हरीले धुएं से वातावरण हुआ प्रदूषित

कई घंटों तक थर्माकोल और प्लास्टिक का कचरा सुलगता रहा और आसपास का पूरा वातावरण दूषित हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जहरीले धुएं के कारण परिसर में लगें बाराबंकी महोत्सव में आने वाले लोगों समेत आसपास बने मकानों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और बदबू जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

Barabanki: पराली जलाने वाले किसानों पर FIR! शहर की घनी आबादी के बीच कूड़ा जलाने की खुली छूट? प्रशासन की दोहरी नीति - जहरीले धुएं से स्थानीय लोग परेशान

कूड़े-कचरे के निस्तारण में बड़ी लापरवाही 

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि राजकीय इंटर कॉलेज के ऑडिटोरियम में आए दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग आयोजकों से ऑडिटोरियम का किराया तो वसूल लेते है, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उत्पन्न होने वाले कूड़े-कचरे के निस्तारण की कोई ठोस और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था नहीं कराई जाती। नियमों के अनुसार कचरें के वैज्ञानिक निस्तारण के बजाय ऑडिटोरियम के आसपास के मैदान में जगह-जगह ढेर लगाकर उसमें आग लगा दी जाती है, जिससे वायु प्रदूषण फैलता है और अधजला कचरा इधर-उधर फैलकर गंदगी भी बढ़ाता है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने सफदरगंज थाने का किया औचक निरीक्षण, पुलिस कर्मियों को दिए अहम दिशा-निर्देश

समस्या पर क्या बोले जिम्मेदार

कूड़ा निस्तारण में हो रही इस गंभीर लापरवाही को लेकर जब बाराबंकी एक्सप्रेस ने राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से संपर्क करने का प्रयास किया, तो कई बार फोन मिलाने के बावजूद उनका मोबाइल नहीं उठा। वही नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से जब इस विषय में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि कूड़ा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और किसी भी परिस्थिति में आग लगाकर कचरे का निस्तारण नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऑडिटोरियम की बुकिंग उपजिलाधिकारी नवाबगंज कार्यालय के माध्यम से होती है और इस पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को देकर कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।

 

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों में आक्रोश 

इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों में भी भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब प्रशासन खेतों में मजबूरी में पराली जलाने वाले गरीब किसानों पर सख्ती दिखाते हुए एफआईआर दर्ज कराता है, तो फिर नगर की घनी आबादी के बीच कूड़ा जलाने वाले आयोजकों और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? प्रशासन का यह रवैया पर्यावरण संरक्षण के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

यह भी पढ़ें  Barabanki News: भाकियू नेता पर जबरन दुष्कर्म कर वीडियो बनाने का आरोप, कार्रवाई न होने से दहशत में पीड़िता, सीएम योगी से मांगा इंसाफ

 

दोषियों पर कार्रवाई की मांग 

लोगों ने मांग की है कि नगर क्षेत्र में कूड़ा जलाने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे कृत्यों पर प्रशासन एक समान नीति अपनाए, ताकि शहर को प्रदूषण से बचाया जा सके।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

22882
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई