Barabanki:
बाराबंकी में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 1330 लाभार्थियों को पहली किश्त के रूप में एक-एक लाख रुपये का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री ने लखनऊ से वन-क्लिक ट्रांसफर किया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रदेशभर के करीब 2 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में 2 करोड़ रुपए की धनराशि का अंतरण किया गया। इसी के क्रम में जनपद बाराबंकी के विभिन्न नगरीय निकायों के 1330 पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण हेतु प्रथम किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपए की धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ से वन-क्लिक के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण नगर पालिका परिषद नवाबगंज में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लाभार्थी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
1824 लाभार्थियों की डीपीआर स्वीकृत
मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन ने बताया कि जनपद बाराबंकी में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत वर्तमान में 1824 लाभार्थियों की डीपीआर शासन से स्वीकृत हो चुकी है। इनमें से आज 1330 लाभार्थियों को प्रथम किस्त की धनराशि का प्रेषण किया गया है।

योजना पूरी तरह निशुल्क, पात्र लोग उठाएं लाभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतीश चंद्र शर्मा राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में लाभार्थियों को आवास स्वीकृत होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह निशुल्क है और पात्र नागरिक बिना किसी बिचौलिए के योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
जनप्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को दी बधाई
कार्यक्रम मे विधायक हैदरगढ़ दिनेश रावत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राजरानी रावत ने भी प्रथम किस्त प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया।

बड़ी संख्या में लाभार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम का आयोजन जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), बाराबंकी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न निकायों के 308 से अधिक लाभार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डूडा संजय शुक्ला, मिशन प्रबंधक गरिमा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी सहित सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















