Barabanki News: साफ-सफाई न होने के चलते कूड़े, जलकुंभी और झाड़ियों से पटा जमुरिया नाला।
स्थानीय लोगों को सता रहा है 2023 की बाढ़ का डर।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 31 अगस्त 2026
बाराबंकी शहर में बारिश शुरू होते ही जमुरिया नाले की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नाले के किनारे रहने वाले लोगों को वर्ष 2023 में आई भयावह बाढ़ की याद सताने लगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले की नियमित सफाई नहीं होने के कारण इसमें कूड़ा-कचरा, जलकुंभी और झाड़ियां बड़ी मात्रा में जमा हैं, जिससे बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
पीरबटावन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि जरा सी तेज बारिश के बाद ही नाले का गंदा पानी उफान मारने लगता है और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगती है। लोगों का दावा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नाले की पर्याप्त सफाई, गहराई बढ़ाने और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
2023 की वो भयावह बारिश, जब घरों में घुस गया था पानी
बाराबंकी शहर के लोगों के लिए जमुरिया नाला सिर्फ एक नाला नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में संभावित खतरे की याद भी बन चुका है। सितंबर 2023 में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जमुरिया नाला उफान पर आ गया था। शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ और बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए थे।
उस दौरान पीरबटावन, कैलाश आश्रम और दुर्गापुरी समेत कई इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया था। प्रशासन को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा था तथा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया था।
यही वजह है कि बारिश की शुरुआत के साथ ही जमुरिया नाले के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है।

कूड़े, जलकुंभी और झाड़ियों से पटा जमुरिया नाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमुरिया नाला कई जगह कूड़े-कचरे, जलकुंभी और घनी झाड़ियों से पटा हुआ है। नाले के किनारों पर गंदगी जमा होने के साथ-साथ कई जगह पानी की सतह पर जलकुंभी का घना फैलाव दिखाई देता है।
लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई और निगरानी नहीं होने से नाले की जलनिकासी क्षमता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यदि तेज बारिश हुई और नाले में अचानक पानी का दबाव बढ़ा तो गंदा पानी आसपास के घरों और गलियों में घुस सकता है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सिर्फ नाले की ऊपरी सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि कई स्थानों पर इसकी गहराई और जलनिकासी क्षमता की भी जांच जरूरी है।

लोगों को फिर सताने लगा बाढ़ का डर
पीरबटावन क्षेत्र के निवासी मोहम्मद हसन ने बताया कि वर्ष 2023 की बारिश में उनके घर में पानी घुस गया था। परिवार को घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाना पड़ा था।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन को पहले से पता है कि जमुरिया नाले के उफनाने से आसपास के इलाके प्रभावित होते हैं तो बारिश से पहले ही नाले की पूरी सफाई क्यों नहीं कराई जाती?
मोहम्मद हसन का कहना है कि नाले की सफाई और निगरानी को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं। उनका कहना है कि किसी बड़ी घटना के बाद राहत और बचाव शुरू करने के बजाय पहले से तैयारी करना ज्यादा जरूरी है।

ग्रीन बेल्ट में कार्रवाई के बाद फिर अतिक्रमण का आरोप
स्थानीय निवासी मंसूर आलम ने बताया कि जमुरिया नाले के किनारे रहने वाले लोगों के मन में वर्ष 2023 की बाढ़ का डर आज भी बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि उस समय जलभराव के कारण कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बाद प्रशासन की ओर से नाले को चौड़ा करने, अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई की गई थी।
वर्ष 2024 में ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आने वाले कुछ मकानों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि अब ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में फिर से अतिक्रमण की स्थिति दिखाई दे रही है।
लोगों का कहना है कि यदि नाले के आसपास दोबारा अतिक्रमण बढ़ा तो बारिश के दौरान जलनिकासी की समस्या और गंभीर हो सकती है।

कच्चे मकान में बच्चों के साथ रहने को मजबूर तहसीन
स्थानीय निवासी तहसीन ने बताया कि उनका मकान जमुरिया नाले से कुछ ही दूरी पर है। थोड़ी सी बारिश होने पर ही घर में पानी भरने की समस्या शुरू हो जाती है।
उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह अपने कच्चे मकान को पक्का नहीं करा पा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए कई बार ऑनलाइन आवेदन किया गया, लेकिन आवेदन निरस्त हो गया।
तहसीन का कहना है कि बरसात के दिनों में कच्चे मकान में बच्चों के साथ रहना किसी खतरे से कम नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आवास योजना का लाभ दिलाने और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

हर साल बढ़ता है नाले का पानी, गरीब परिवारों की बढ़ती है परेशानी
स्थानीय निवासी सादिया बानो ने बताया कि हर साल बारिश के दौरान जमुरिया नाले का जलस्तर बढ़ जाता है और आसपास के घरों में पानी पहुंचने लगता है।
उनका आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
सादिया के मुताबिक जलभराव की स्थिति बनने पर सबसे ज्यादा परेशानी गरीब परिवारों को होती है। कई परिवारों के सामने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने तक की स्थिति पैदा हो जाती है।

महिलाओं ने भी जताई चिंता, बोलीं- बारिश आते ही बढ़ जाती है दहशत
क्षेत्र की अन्य महिलाओं ने भी नाले की सफाई और जलभराव की समस्या को लेकर अपनी परेशानी बताई।
उनका कहना है कि बारिश के दौरान घर में पानी भरने से बच्चों, बुजुर्गों और घरेलू सामान की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि बारिश के दौरान जलभराव होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही नाले की सफाई कराई जाए।

नाला साफ करने के दावे के बीच तस्वीर कुछ और कहानी बता रही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमुरिया नाले की नियमित सफाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि नाला कूड़े-कचरे, जलकुंभी और झाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे पानी के बहाव में बाधा पैदा हो रही है।
लोगों का कहना है कि केवल कागजों पर सफाई कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नाले की मौके पर सफाई, गहराई और जलनिकासी क्षमता की जांच के साथ संवेदनशील इलाकों की निगरानी भी जरूरी है।

नगर पालिका बोली- नाला काफी हद तक साफ, फिर भी कराया जाएगा निरीक्षण
स्थानीय लोगों की शिकायतों के संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला से बात की गई।
उन्होंने बताया कि जमुरिया नाला काफी हद तक साफ है और सफाई कराई जा चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद नाले का एक बार फिर निरीक्षण कराया जाएगा।
अधिशासी अधिकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान जहां भी सफाई की आवश्यकता पाई जाएगी, वहां सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
वहीं चेयरमैन प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि जमुरिया नाले की स्थिति को दिखवाया जाएगा। जहां सफाई व्यवस्था पूरी नहीं होगी, वहां जल्द सफाई कराई जाएगी।

2023 के बाद कार्रवाई हुई, लेकिन लोगों का डर अभी खत्म नहीं
वर्ष 2023 की भयावह बारिश के बाद प्रशासन ने नाले को चौड़ा करने, अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने को लेकर कदम उठाए थे।
लेकिन अब स्थानीय लोगों की शिकायत है कि समस्या की नियमित निगरानी और सफाई व्यवस्था में कमी के कारण बारिश आते ही पुराना डर लौट आता है।
खासकर नाले के आसपास कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा चिंता है। लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान अगर नाले का जलस्तर अचानक बढ़ा तो हालात संभालना मुश्किल हो सकता है।
बड़ा सवाल- क्या फिर पानी बढ़ने का इंतजार करेगा प्रशासन?
वर्ष 2023 की बाढ़ का दर्द झेल चुके लोगों के सामने इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार बारिश से पहले जमुरिया नाले की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होगी?
एक ओर स्थानीय लोग नाले में कूड़ा, जलकुंभी और झाड़ियों की मौजूदगी का हवाला देकर सफाई की मांग कर रहे हैं, वहीं नगर पालिका का कहना है कि नाला काफी हद तक साफ है और जरूरत पड़ने पर दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा।
अब देखना यह है कि बारिश के दौरान जमुरिया नाला स्थानीय लोगों के लिए फिर मुसीबत बनता है या समय रहते प्रशासन की तैयारी वर्ष 2023 जैसे हालात दोहराने से रोक पाती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली












