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बाराबंकी में परीक्षा केंद्र पर छात्रों के उत्पीड़न का आरोप, धूप में खड़ा रखने और पंखे-बिजली बंद करने से मचा बवाल

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बाराबंकी के आइडियल डिग्री कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बीबीए और बीसीए छात्रों के उत्पीड़न का मामला सामने आया है।

एमडी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की प्राचार्य ने छात्रों को धूप में खड़ा रखने, पंखे-बिजली बंद करने और परीक्षा से वंचित करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जांच की मांग की है।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में संचालित डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध परीक्षा केंद्र आइडियल डिग्री कॉलेज एक गंभीर विवाद के केंद्र में आ गया है। यहां बीबीए और बीसीए की परीक्षाओं के दौरान छात्रों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

एमडी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की प्राचार्य सीमा श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को शिकायती पत्र भेजकर परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, तेज धूप में खड़ा रखने, परीक्षा से वंचित करने और मूलभूत सुविधाएं बंद करने जैसी बातें कही गई हैं।

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मुख्य गेट से प्रवेश के बाद छात्रों को परीक्षा कक्ष में जाने से रोका गया

शिकायत के अनुसार 18 मई 2026 को प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान एमडी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को पहले परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट से प्रवेश दिया गया, लेकिन बाद में उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने से रोक दिया गया।

आरोप है कि छात्रों को तेज धूप में लंबे समय तक खड़ा रखा गया और इस दौरान संबंधित कॉलेज को लेकर अभद्र टिप्पणियां भी की गईं। भीषण गर्मी में छात्रों को हुई परेशानी के चलते अभिभावकों और शिक्षकों में भी नाराजगी देखी गई।

छात्र को परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर निकालने का आरोप

मामले में एमडी कॉलेज के छात्र यश श्रीवास्तव का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के बाद उसे यह कहते हुए परीक्षा कक्ष से बाहर निकाल दिया गया कि वह देर से आया है।

हालांकि छात्र पक्ष ने इसे दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया है। आरोप है कि इस घटना के चलते छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गया, जिससे उसके शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ सकता है।

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पंखे, लाइट और पेयजल व्यवस्था बंद करने के आरोप

प्राचार्य सीमा श्रीवास्तव द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि परीक्षा शुरू होते ही परीक्षा कक्षों की लाइट, पंखे और पेयजल व्यवस्था बंद कर दी गई।

भीषण गर्मी के बीच छात्रों को बिना पंखे और पानी के परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे कई परीक्षार्थियों की तबीयत बिगड़ने जैसी स्थिति बन गई। शिकायत में इसे छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार बताया गया है।

उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ की आशंका, सीसीटीवी जांच की मांग

शिकायत पत्र में उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए परीक्षा केंद्र परिसर और मुख्य द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांचने की मांग की गई है।

प्राचार्य ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आगामी परीक्षाओं को भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए कड़े इंतजाम करने की मांग की है।

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परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरे मामले ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं, छात्रों की सुरक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी या मामला केवल शिकायतों तक सीमित रह जाएगा।

रिपोर्ट – ललित राजवंशी 

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Author: Kamran Alvi

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