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बाराबंकी में भीषण अग्निकांड: आधी रात आग की लपटों में उजड़ गए कई आशियाने, बच्चों की किताबों से लेकर गरीबों की जमापूंजी तक राख

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बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के अल्पी पुरवा गांव में भीषण अग्निकांड से कई परिवारों के घर जलकर राख हो गए।

नकदी, जेवर, अनाज, बच्चों की किताबें और गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया।

प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया है जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र स्थित अल्पी पुरवा मजरे शेषपुर टूटरु गांव में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। आधी रात अचानक उठीं आग की लपटों ने कुछ ही देर में आधा दर्जन से अधिक गरीब परिवारों के छप्परनुमा घरों और उनकी वर्षों की मेहनत से जुटाई गृहस्थी को राख में बदल दिया।

रात के सन्नाटे में जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने जब छप्परों से उठती आग की तेज लपटें देखीं तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। लोग अपने घरों से जान बचाकर बाहर भागे और बाल्टियों व पानी के सहारे आग बुझाने की कोशिश में जुट गए।

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आग में जल गई गरीब परिवारों की पूरी गृहस्थी

पीड़ित परिवारों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। घरों में रखा नकद रुपया, जेवर, जरूरी कागजात, अनाज, कपड़े और घरेलू सामान सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया।

इस अग्निकांड में रिंकू पुत्र रामकेश, पिन्टू पुत्र रामकेश, दीपू लाल पुत्र रामकेश, विजय कुमार पुत्र छन्नूलाल, अजय कुमार पुत्र छन्नूलाल, पवन कुमार और गिरधारी गौतम के घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोग बाहर निकल आए और कोई जनहानि नहीं हुई।

“बच्चों की कॉपी-किताबें तक जल गईं”

पीड़िता पूनम ने रोते हुए बताया कि रात करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। उस समय घर में आठ लोग सो रहे थे। किसी तरह सभी लोग जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन घर का सारा सामान जल गया।

उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए खरीदी गई कॉपी-किताबें, जूते-मोजे, कपड़े और राशन तक आग में खाक हो गए। घर में रखा चावल, गेहूं और रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गया।

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फ़ोटो – अनाज समेटते अग्निकांड पीड़ित

नकदी, अनाज, जेवर और घरेलू सामान सब जलकर राख

पीड़ित दीपू लाल ने बताया कि आग में उनके परिवार की वर्षों की जमा पूंजी खत्म हो गई। उनके अनुसार 36 हजार रुपये नकद, महिलाओं के जेवरात, दो क्विंटल सरसों, छह क्विंटल गेहूं, तीन बोरी धान, एक साइकिल, दो मोबाइल फोन, एक गैस सिलेंडर, 10 क्विंटल भूसा, दो बेड, चार चारपाई, दो पंखे और पानी की टंकी समेत पूरा घरेलू सामान जल गया।

ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते कई घर इसकी चपेट में आ गए और पूरा इलाका धुएं और लपटों से भर गया।

दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

घटना की सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। फायर प्रभारी रामसनेहीघाट के नेतृत्व में टीम ने घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से और बड़ा हादसा टल गया।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। गर्मी और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

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प्रशासन और मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

घटना की जानकारी मिलने के बाद सिरौलीगौसपुर तहसील के तहसीलदार बालेन्दु भूषण वर्मा, नायब तहसीलदार दिनेश कुमार पांडे, लेखपाल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया।

तहसीलदार बालेन्दु भूषण वर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, राशन, तिरपाल और कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस भीषण अग्निकांड का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने और आर्थिक नुकसान का आकलन कर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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