Barabanki: हैदरगढ़ स्थित कंपोजिट विद्यालय बरगदहा में गंदगी, जर्जर भवन और शौचालयों की बदहाल स्थिति सामने आई।
छात्र खुले में शौच को मजबूर, किताबों का भी अभाव।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 अप्रैल 2026
जनपद के हैदरगढ़ ब्लॉक क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय बरगदहा में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे किए गए निरीक्षण में विद्यालय परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार देखने को मिला, जिससे साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्कूल परिसर में गंदगी का अंबार, साफ-सफाई पर सवाल
निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन से लेकर पूरे परिसर तक गंदगी फैली हुई मिली। शौचालयों, हैंडपंप और नलों के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई थीं, जो लंबे समय से सफाई न होने की स्थिति को दर्शाती हैं।
शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि दुर्गंध के कारण छात्र उनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।


जर्जर भवन और कक्षाओं में मकड़ी के जाले
विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई लंबे समय से नहीं कराई गई है, जिससे भवन जर्जर और उपेक्षित नजर आता है। कक्षाओं के अंदर मकड़ी के जाले लगे हुए हैं, जिससे साफ है कि नियमित सफाई नहीं होती।
इसी गंदगी भरे माहौल में छात्र पढ़ाई करने और मिड डे मील ग्रहण करने को मजबूर हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंताजनक है।


छात्रों को नहीं मिली किताबें, उपस्थिति भी कम
विद्यालय के शिक्षक सूरज वर्मा के अनुसार, स्कूल में कुल 247 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से कक्षा 8 के करीब 47 छात्र पास होकर जा चुके हैं। फिलहाल खेती-बाड़ी के कार्य के चलते छात्रों की उपस्थिति कम है और सोमवार को मात्र 50 छात्र ही उपस्थित थे।
छात्रों ने बताया कि उन्हें अभी तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मिड डे मील मिल रहा, लेकिन स्वच्छता की स्थिति चिंताजनक
विद्यालय में मिड डे मील के तहत बच्चों को रोटी-सब्जी दी जा रही है, लेकिन गंदगी भरे वातावरण में भोजन करना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
प्रधानाध्यापिका प्रशिक्षण में, सफाईकर्मी नहीं पहुंचा
प्रधानाध्यापिका संजूलता प्रशिक्षण के लिए हैदरगढ़ गई हुई थीं। वहीं विद्यालय में फैली गंदगी को लेकर बताया गया कि सफाईकर्मी को सूचना दी गई है, लेकिन अब तक सफाई नहीं कराई गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़ और खंड शिक्षा अधिकारी आराधना मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
विद्यालय की यह स्थिति न केवल शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पर कब तक कार्रवाई करते हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













