Barabanki News: बाराबंकी के मसौली में बिजली कटौती और लो वोल्टेज से परेशान ग्रामीण।
भाकियू टिकैत ने पावर हाउस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
किसानों ने कई विद्युत समस्याओं के समाधान की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 25 अगस्त 2026
बाराबंकी के मसौली ब्लॉक में अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक सप्ताह पहले ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से मसौली पावर हाउस परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
भाकियू ने साफ कर दिया है कि जब तक विद्युत समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, अब पावर हाउस पर धरना
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ब्लॉक अध्यक्ष भगौती प्रसाद वर्मा की अगुवाई में मंगलवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मसौली विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
बताया गया कि 17 अगस्त को भाकियू कार्यकर्ताओं ने विद्युत उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इसमें मसौली विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने समेत ग्रामीण क्षेत्र की कई विद्युत समस्याओं का समाधान कराने की मांग की गई थी।
संगठन ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 25 अगस्त से विद्युत उपकेंद्र परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के बाद मंगलवार को किसान संगठन ने अपना आंदोलन शुरू कर दिया।
शाम की अघोषित कटौती से ग्रामीण परेशान
भाकियू ने ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन शाम के समय होने वाली अघोषित विद्युत कटौती को समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई थी।
किसानों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। वहीं बिजली आने के बावजूद लो वोल्टेज की समस्या के कारण सिंचाई के लिए लगाए गए सबमर्सिबल पंप ठीक से नहीं चल पा रहे हैं।
कम वोल्टेज की वजह से कई घरेलू विद्युत उपकरणों के संचालन में भी परेशानी होने की बात कही गई है।
सैदनपुर में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र का निर्माण भी अधर में
भाकियू ने ग्राम पंचायत सैदनपुर में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
संगठन के मुताबिक वर्ष 2024 में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
भाकियू ने प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।
मीटर रीडिंग और बिजली बिलों को लेकर भी उठाई आवाज
किसान संगठन ने बिजली विभाग से प्रत्येक माह नियमित और पारदर्शी तरीके से मीटर रीडिंग कराने की मांग की है।
इसके साथ ही नियमानुसार विद्युत बिलों की वसूली और उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ उपभोक्ताओं के एक किलोवाट के विद्युत कनेक्शन उनकी जानकारी के बिना दो किलोवाट कर दिए गए हैं। संगठन ने ऐसे मामलों की जांच कर कनेक्शन को नियमानुसार दुरुस्त कराने की मांग की है।

11 हजार वोल्ट की ढीली लाइनों को दुरुस्त कराने की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनों के ढीले तारों को लेकर भी भाकियू ने चिंता जताई है।
संगठन ने मांग की है कि ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर विद्युत लाइनों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
भाकियू सिरौलीगौसपुर तहसील अध्यक्ष रामसजीवन वर्मा ने कहा कि किसानों की विद्युत समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन पहले ही विभाग को समस्याओं से अवगत करा चुका था और कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण अब धरना शुरू करना पड़ा है।
धरने में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
मंगलवार से शुरू हुए धरना-प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष निसार मेहंदी, प्रदेश सचिव उत्तम सिंह वर्मा, मध्यांचल महासचिव अनिल वर्मा, जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद वर्मा, शिवनरायण वर्मा, रामप्रताप वर्मा, हनुमान प्रसाद, शाहिद अली, पन्ना लाल, रमेशचंद्र, विनय वर्मा, रामबहादुर, दिनेश कुमार, संतोष कुमार सहित भाकियू के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाकियू ने स्पष्ट किया है कि बिजली कटौती, लो वोल्टेज, विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने और अन्य समस्याओं का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद












