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Barabanki: जमीन विवाद में आतंक का नंगा नाच! दबंगों ने महिला समेत 4 को ट्रैक्टर से कुचला, एक की मौत; पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

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Barabanki News: सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान कोलवा में जमीन विवाद में दबंगई का खूनी खेल।

रोशन सिंह उर्फ शिव सिंह, गुलशन सिंह समेत कई लोगों पर मारपीट और महिला समेत कई को ट्रैक्टर से कुचलने का आरोप।

शमशेर की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में जमीन विवाद को लेकर दबंगई का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान कोलवा गांव में घर के सामने की जमीन जोतने का विरोध करने पर दबंगों ने लाठी डंडों से मारपीट करते हुए महिला समेत कई लोगों को ट्रैक्टर से कुचल डाला। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि महिला समेत अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जमीन को लेकर विवाद की शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी और थाने में पंचायत तक हुई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को उसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

घर के सामने जमीन जोतने के विरोध पर शुरू हुआ विवाद

पीड़ित पक्ष की ओर से सुबेहा थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, रविवार सुबह रोशन सिंह उर्फ शिव सिंह पुत्र विक्रमजीत सिंह ट्रैक्टर लेकर उस्मान अली के घर के सामने पहुंचे और वहां की जमीन जोतने लगे।

आरोप है कि बदरुन्निसा पत्नी रहमान ने इसका विरोध किया तो रोशन सिंह उर्फ शिव सिंह और गुलशन सिंह पुत्र विक्रमजीत सिंह ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

महिला को बचाने पहुंचे परिवार और आसपास के लोगों पर भी लाठी डंडों से हमला किए जाने का आरोप है।

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लाठी-डंडों से हमला, फिर ट्रैक्टर से कुचलने का आरोप

तहरीर में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि श्यामजीत सिंह, राहुल सिंह, सूरज सिंह, संदीप सिंह, मोहित सिंह, कल्लू सिंह और राजबन समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया।

आरोप है कि इसी दौरान शमशेर, राशिद, साजिदुल और बदरुन्निसा को ट्रैक्टर से कुचल दिया गया।

घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शमशेर की मौत हो गई। अन्य घायलों को गंभीर हालत में बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी है।

फाइल फ़ोटो – शमशेर अली (मृतक)

 

वायरल वीडियो ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, वीडियो में सिर पर भगवा गमछा बांधे दबंग हाथों में लाठी-डंडे लिए तांडव मचाते दिखाई दे रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल: पहले शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल पुलिस की कथित कार्यशैली को लेकर उठ रहे हैं।

ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष के अनुसार, जमीन को लेकर विवाद नया नहीं था। बताया गया है कि मृतक शमशेर पक्ष ने गांव के ही सोमनाथ से गाटा संख्या 401 की जमीन का बैनामा कराकर मकान बनाया था और घर के सामने सहन के लिए जमीन छोड़ी थी। इसके पास गाटा संख्या 403 भी मृतक पक्ष की भूमि होने का दावा किया जा रहा है।

वहीं, इसी क्षेत्र से लगी गाटा संख्या 402 में विपक्षी विक्रमजीत सिंह का कुछ हिस्सा बताया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि काफी समय से विपक्षी उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे थे और इसे लेकर कई बार पुलिस से शिकायत की गई थी।

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‘दस्तावेज दिए, पंचायत हुई, फिर भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई’

पीड़ित पक्ष का दावा है कि मामले को लेकर थाने में पंचायत हुई, जिसमें जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के सामने प्रस्तुत किए गए थे। आरोप यह भी है कि विपक्षी पक्ष कोई भी दस्तावेज नहीं प्रस्तुत कर सका, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई कर विवाद का स्थायी समाधान नहीं किया।

पीड़ितों का कहना है कि यदि शिकायतों के बाद समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो विवाद को इस स्तर तक पहुंचने से रोका जा सकता था।

यही वजह है कि घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस की भूमिका को लेकर नाराजगी है और पुलिस की पूर्व कार्रवाई तथा शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जांच की मांग उठ रही है।

पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो टल सकती थी खूनी वारदात

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की कथित ढिलाई से आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो इस खूनी वारदात को टाला जा सकता था।

हालांकि यह आरोप जांच का विषय है, लेकिन एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस की पिछली कार्रवाई भी सवालों के घेरे में आ गई है।

अब जांच सिर्फ इस बात की नहीं होनी चाहिए कि घटना के दिन क्या हुआ, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि पिछले दिनों जमीन विवाद को लेकर पुलिस को दी गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई थी।

नामजद तहरीर, पुलिस ने शुरू की जांच

मृतक के भाई मुस्ताक अहमद ने सुबेहा थाने में नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

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तहरीर में नामजद किए गए लोगों में: रोशन सिंह उर्फ शिव सिंह पुत्र विक्रमजीत सिंह, गुलशन सिंह पुत्र विक्रमजीत सिंह, श्यामजीत सिंह, राहुल सिंह, सूरज सिंह, संदीप सिंह, मोहित सिंह, कल्लू सिंह, राजबन तथा अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मौके से मिले साक्ष्य, वायरल वीडियो, घायलों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर

एक व्यक्ति की मौत, कई लोगों के घायल होने और पहले से चले आ रहे जमीन विवाद के बाद अब सुबेहा पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष जांच की है।

क्या नामजद आरोपियों पर कार्रवाई होगी? क्या वायरल वीडियो की जांच होगी? और सबसे अहम—क्या पुलिस के आला अधिकारी यह भी जांच करेंगे कि पुरानी शिकायतों पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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