Barabanki

Barabanki News: KCC ऋण जमा कराने के नाम पर किसान से ठगी, पैसे मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी; 40 दिन तक नहीं हुई सुनवाई, ADG के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई FIR

SHARE:

Barabanki News: बाराबंकी के दरियाबाद में KCC ऋण जमा कराने के नाम पर बैंक मित्र पर किसान से 35 हजार रुपये लेने और धमकी देने का आरोप है।

ADG के हस्तक्षेप के बाद करीब 40 दिन में FIR दर्ज हुई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 12 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का ऋण जमा कराने के नाम पर एक बैंक मित्र द्वारा किसान से 35 हजार रुपये नकद लेने और कथित तौर पर रकम बैंक खाते में जमा न करने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर बैंक मित्र ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। मामला यहीं नहीं रुका, किसान का दावा है कि स्थानीय पुलिस से लेकर उच्च अधिकारियों और आईजीआरएस पोर्टल तक शिकायत करने के बावजूद लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित के मुताबिक, जब उसने लखनऊ पहुंचकर अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) से न्याय की गुहार लगाई, तब अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब 40 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

KCC की किस्त जमा कराने के लिए बैंक मित्र को दिए थे ₹35 हजार

मामला बाराबंकी के दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम जलपापुर का है। गांव निवासी हरिवंश पुत्र जसकरन ने बताया कि वह गरीब और अशिक्षित किसान है। उसने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की दरियाबाद शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लिया था।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी: चार दिन बाद भी 7.97 लाख रुपये लेकर निकले पेट्रोल पंप कर्मचारी को नहीं तलाश सकी पुलिस, मोबाइल फोन की घंटी ने बढ़ाया रहस्य

पीड़ित के अनुसार, KCC ऋण की किस्त जमा कराने के लिए उसने क्षेत्र में बैंक मित्र के रूप में काम करने वाले लल्लन पुत्र उजागर को अपने घर बुलाया था। किसान का आरोप है कि उसने बैंक मित्र को 35,000 रुपये नकद दिए थे।

हरिवंश के मुताबिक, बैंक मित्र ने भरोसा दिलाया था कि वह पूरी रकम उसके KCC ऋण खाते में जमा कर देगा। लेकिन बाद में जब किसान को जानकारी हुई तो कथित तौर पर रकम उसके बैंक खाते में जमा नहीं हुई थी।

जांच में रकम लेने की बात सामने आने का दावा

पीड़ित के मुताबिक उसने मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी की। शिकायत संख्या 40017628043097 और 92617600046223 दर्ज कराई गई। किसान का दावा है कि शिकायत की जांच के दौरान बैंक मित्र से पूछताछ हुई, जिसमें उसने 35 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार करते हुए रकम लौटाने का आश्वासन दिया था।

यह भी पढ़ें  Barabanki: अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खाई में पलटी तेज़ रफ़्तार कार, बेगमगंज निवासी दो युवकों की दर्दनाक मौत

इसके बावजूद रकम वापस नहीं मिली और न ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई हुई।

पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप

हरवंश का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर बैंक मित्र ने 30 जून 2026 की रात करीब 10 बजे फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का दावा है कि बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उसके पास है।

आरोप है कि फोन पर उसके साथी को भी आपत्तिजनक और जातिसूचक गालियां देते हुए धमकी दी गई तथा यह कहा गया कि वह शिकायत करके भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इन धमकियों के बाद पीड़ित और उसका परिवार भयभीत हो गया।

स्थानीय पुलिस पर सुलह का दबाव बनाने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि उसने मोबाइल रिकॉर्डिंग सहित स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उस पर ही दबाव बनाया गया और कथित तौर पर मोबाइल में कट्टे की फ़ोटो दिखाकर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर सुलह कराने का प्रयास किया गया।

यह भी पढ़ें  Barabanki: रामनगर में ‘इश्किया वर्दी’ का सनसनीखेज मामला, महिला को दिल दे बैठा जांच करने आया दरोगा! पति, सास-ससुर को दी डकैती में फंसाने की धमकी

इसके बाद पीड़ित ने बाराबंकी में उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने लखनऊ पहुंचकर अपर पुलिस महानिदेशक से न्याय की गुहार लगाई।

ADG के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई FIR

पीड़ित के अनुसार, ADG के हस्तक्षेप के बाद मामले में कार्रवाई हुई और करीब 40 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

मामला सामने आने के बाद अब सवाल बैंक मित्र की भूमिका के साथ-साथ आम जनता की शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी उठ रहे हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

 

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

22949
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई