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Barabanki News: पोषाहार विवाद में नया मोड़, POCSO एक्ट का मुकदमा वापस लेने के दबाव का आरोप; 55 पैकेट छीनने पर दर्ज हुई FIR

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Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा में 55 पैकेट आंगनबाड़ी पोषाहार विवाद में नया मोड़ आया है।

कार्यकर्ता ने POCSO मुकदमा वापस लेने के दबाव और कथित षड्यंत्र का आरोप लगाया, जबकि CDPO जांच में अलग तथ्य सामने आए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के नगर पंचायत सुबेहा के पूरे अल्पी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के पोषाहार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब POCSO मुकदमे से जुड़ी रंजिश और कथित दबाव के आरोपों तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, मामले की जांच करने वाली बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) की प्रारंभिक जांच में पोषाहार बिक्री के आरोप से अलग तस्वीर सामने आने की बात कही गई है।

मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम का आरोप है कि POCSO एक्ट के एक मुकदमे में गवाह होने के कारण उन पर मुकदमा वापस कराने का दबाव बनाया जा रहा था और इसी कथित दबाव के लिए पोषाहार बिक्री का पूरा विवाद खड़ा किया गया। दूसरी ओर शिकायतकर्ता संतोष कुमार ने पोषाहार की बिक्री का आरोप लगाया है।

अब इस पूरे मामले में पुलिस और विभागीय जांच के निष्कर्ष पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

55 पैकेट पोषाहार की कथित बिक्री से शुरू हुआ विवाद

पूरे अल्पी गांव निवासी संतोष कुमार ने आरोप लगाया था कि शरीफाबाद और रेहुरा में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम और नीतू द्वारा लाभार्थियों में बांटे जाने वाला पोषाहार कथित तौर पर बेच दिया गया।

संतोष के अनुसार, विदी का पुरवा निवासी एक बुजुर्ग व्यक्ति 55 पैकेट पोषाहार लेकर जा रहा था। संदेह होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई। शिकायतकर्ता का दावा था कि बुजुर्ग ने पोषाहार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से एक हजार रुपये में खरीदने की बात बताई।

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इसी आरोप के बाद मामला पुलिस और संबंधित विभाग तक पहुंच गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बिक्री के आरोप को बताया गलत

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम और नीतू ने पोषाहार बेचने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।

उनका कहना है कि केंद्र पर पहुंचने वाले पोषाहार की दो बोरियां थीं। सामान केंद्र तक पहुंचाने में मदद के लिए बुजुर्ग व्यक्ति से एक बोरी अपनी मोपेड पर रखने का अनुरोध किया गया था, जबकि दूसरी बोरी कार्यकर्ता अपने वाहन से ले जा रही थीं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रास्ते में संतोष कुमार ने बुजुर्ग को रोककर बोरी अपने कब्जे में ले ली और उसे फाड़कर पोषाहार के पैकेट सड़क पर बिखेर दिए। इसके बाद वीडियो बनाकर पोषाहार बिक्री का आरोप लगाया गया।

POCSO मुकदमे की रंजिश ने मामले को दिया नया मोड़

इस पूरे विवाद में सबसे गंभीर आरोप POCSO एक्ट के एक मुकदमे को लेकर दबाव और कथित षड्यंत्र का सामने आया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम का आरोप है कि संतोष कुमार  POCSO एक्ट के एक मुकदमे में आरोपी है और वह इस मामले में गवाह हैं। पूनम के मुताबिक, संतोष काफी समय से उन पर मुकदमा वापस कराने का दबाव बना रहा था।

उनका दावा है कि इसी कथित दबाव और रंजिश के चलते पोषाहार बिक्री का आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की गई।

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CDPO की प्रारंभिक जांच में बिक्री के आरोप पर सामने आई अलग तस्वीर

मामले की जांच करने वाली त्रिवेदीगंज की सीडीपीओ आराधना यादव के अनुसार, उन्होंने मौके पर जाकर मामले की जांच की।

सीडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि बुजुर्ग व्यक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद के लिए पोषाहार की एक बोरी अपनी मोपेड पर लेकर जा रहा था।

उनके अनुसार, रास्ते में संतोष कुमार ने बुजुर्ग को रोककर पोषाहार की बोरी छीन ली और बोरी फाड़कर उसके अंदर रखे 55 पैकेट सड़क पर बिखेर दिए। इसके बाद वीडियो बनाकर पोषाहार बेचने का आरोप लगाया गया।

बुजुर्ग ने भी पोषाहार खरीदने से किया इनकार

सीडीपीओ के मुताबिक, जिस बुजुर्ग व्यक्ति की मोपेड से पोषाहार ले जाया जा रहा था, उसका बयान भी लिया गया।

अधिकारी के अनुसार, बुजुर्ग ने पोषाहार खरीदने की बात से इनकार किया है। इससे पोषाहार बिक्री के आरोपों की जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है।

हालांकि, पूरे मामले की अंतिम स्थिति पुलिस और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

55 पैकेट पोषाहार छीनने के आरोप में FIR

सीडीपीओ आराधना यादव ने बताया कि मामले में संतोष कुमार की ओर से पोषाहार बिक्री का आरोप लगाए जाने के बाद जांच की गई। प्रारंभिक जांच में बुजुर्ग से पोषाहार की बोरी छीने जाने और पैकेट सड़क पर बिखेरने की बात सामने आने पर संतोष कुमार के खिलाफ 55 पैकेट पोषाहार छीनने के आरोप में FIR दर्ज कराई गई है।

अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के आरोपों, बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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पोषाहार विवाद में असली कहानी जांच के बाद होगी साफ

पूरे अल्पी गांव का यह मामला अब सिर्फ आंगनबाड़ी पोषाहार की कथित बिक्री तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ पोषाहार बेचने का आरोप है तो दूसरी तरफ POCSO मुकदमे को लेकर रंजिश और मुकदमा वापस कराने के कथित दबाव में षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है।

फिलहाल विभाग की प्रारंभिक जांच में पोषाहार खरीदने की बात से बुजुर्ग के इनकार और बोरी छीने जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। वहीं, पुलिस की जांच यह तय करेगी कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

 

 

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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