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बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे झोलाछाप क्लीनिक! स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

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बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के संचालन की शिकायतें बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सीएमओ से विशेष जांच अभियान और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 10 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन हैदरगढ़ क्षेत्र में स्थिति इसके ठीक विपरीत नजर आ रही है। कस्बे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिना मान्यता और बिना पंजीकरण वाले कथित चिकित्सकों द्वारा खुलेआम क्लीनिक संचालित किए जाने की चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण ऐसे केंद्रों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है, जबकि क्षेत्र में अवैध क्लीनिकों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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हैदरगढ़ के दर्जनों गांवों में संचालित होने की चर्चा, बिना मान्यता हो रहा इलाज

स्थानीय लोगों के अनुसार हैदरगढ़ कस्बा, सुबेहा, कमेला, मरूई, शिवराजपुर, रेहुरा, देवपुरा, सराय गोपी, मंगवा, टिकरहुवा, कुड़वा, चौबीसी, विदी का पुरवा, चौधरी का पुरवा, सराय चंदेल, छोटी चौकी और थलवारा सहित कई गांवों में अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं।

आरोप है कि इन केंद्रों पर बिना मान्यता प्राप्त डिग्री और बिना मेडिकल पंजीकरण वाले लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई स्थानों पर बुखार, पेट दर्द, संक्रमण, वायरल और अन्य बीमारियों का उपचार किया जा रहा है। इतना ही नहीं, मरीजों को इंजेक्शन लगाने और दवाएं देने जैसी चिकित्सकीय सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशिक्षित चिकित्सक न होने के कारण किसी भी समय गलत उपचार से गंभीर हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से व्यापक जांच अभियान नहीं चलाया गया।

कार्रवाई के दावे बहुत, लेकिन हैदरगढ़ में नहीं दिख रहा असर

स्वास्थ्य विभाग अक्सर अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई करने की जानकारी जारी करता है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हैदरगढ़ क्षेत्र में अब तक कोई बड़ा अभियान या प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय ढिलाई के कारण झोलाछाप चिकित्सकों के हौसले बुलंद हैं और नए-नए स्थानों पर क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों ने सीएमओ से की विशेष अभियान चलाने की मांग

क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बाराबंकी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि हैदरगढ़ क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाकर सभी अवैध क्लीनिकों की जांच कराई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन केंद्रों के पास वैध पंजीकरण और आवश्यक मानक नहीं हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उनका कहना है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई समय की आवश्यकता है।

मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि, विभाग से प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई का दावा करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि अवैध क्लीनिकों पर समय रहते रोक नहीं लगी तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। लोगों ने उम्मीद जताई है कि विभाग जल्द ही हैदरगढ़ क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाकर झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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