बाराबंकी में भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने एडवाइजरी जारी की है।
प्रशासन ने लोगों से दोपहर में बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानने की अपील की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जनहित में लू (हीट स्ट्रोक) और गर्म हवाओं से बचाव को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि भारत मौसम विभाग के अनुसार जब किसी क्षेत्र का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य तापमान से 3 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना रहे तो उसे लू या हीट वेव कहा जाता है। वहीं विश्व मौसम संगठन के अनुसार यदि किसी स्थान का तापमान लगातार पांच दिनों तक सामान्य से 5 डिग्री अधिक या लगातार दो दिनों तक 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना रहे तो वह गंभीर हीट वेव की स्थिति मानी जाती है।

37 डिग्री के बाद शरीर पर बढ़ने लगता है गर्मी का असर
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार मानव शरीर सामान्य रूप से 37 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को सहन कर सकता है, लेकिन इसके ऊपर तापमान बढ़ने पर शरीर वातावरण की गर्मी को अवशोषित करने लगता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि लंबे समय तक तेज धूप या गर्म हवाओं के संपर्क में रहने से लू लग सकती है। खासतौर पर बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगी, मधुमेह मरीज और लगातार दवाएं लेने वाले लोग अधिक जोखिम में रहते हैं।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी
प्रशासन द्वारा लोगों को हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों के बारे में भी जागरूक किया गया है। इनमें—
- तेज बुखार और गर्म लाल त्वचा
- पसीना बंद होना
- तेज धड़कन
- चक्कर आना
- सिरदर्द और उल्टी जैसा महसूस होना
- कमजोरी और भ्रम की स्थिति
- सांस तेज चलना
- पेशाब कम होना
जैसे लक्षण शामिल हैं। प्रशासन ने कहा है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

प्रशासन ने जारी किए लू से बचाव के जरूरी उपाय
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने नागरिकों से अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय छाता, टोपी व चश्मे का प्रयोग करने की सलाह दी है।
इसके साथ ही ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और घर में बने तरल पेय पदार्थों का सेवन करने की भी अपील की गई है ताकि शरीर में पानी और नमक की कमी न हो।
प्रशासन ने मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों से सिर और शरीर को गीले कपड़े से ढककर रखने को कहा है। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था करने और भारी काम सुबह या शाम के समय कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें
जिला प्रशासन ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने की चेतावनी भी जारी की गई है।
गहरे रंग और भारी कपड़े पहनने, बासी भोजन खाने तथा अत्यधिक चाय, कॉफी और शराब के सेवन से बचने को भी कहा गया है।

“सतर्कता ही बचाव है” — जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि हीट वेव की स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सभी नागरिक सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत उसे छायादार स्थान पर ले जाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













